NEET Paper Leak: क्यों रद्द नहीं हुई NEET परीक्षा, जांच में क्या मिला? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बताया
NEET Paper Leak: भविष्य में पेपर लीक के मामलों को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक हाईलेवल समिति गठित करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने कथित नीट पेपर लीक मामले में कड़ा एक्शन लिया है। जिसके तहत बड़े पैमाने पर NEET परीक्षा रद्द करने की मांग के बावजूद तटस्थता दिखाते हुए केंद्र ने एक्जाम रद्द ना करने का निर्णय लिया है। पेपर लीक के आरोप जांच में सामने आने के बाद आखिर ऐसा कारण है, जिसके चलते केंद्र नीट परीक्षा रद्द क्यों नहीं कर रही है? ये एक बड़ा सवाल है, जिसका केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब द दिया है।
केंद्र ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया है। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने माना है कि प्रश्नपत्र लीक मामला बिहार में ही हुआ। मामले में बिहार में एक छात्र और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए की संस्थागत विफलता बताया और कहा कि सरकार एजेंसी के कामकाज की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने की कोई जरूरत नहीं है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कदाचार की कुछ अलग-अलग घटनाओं के कारण उन उम्मीदवारों के करियर को बंधक बनाना अनुचित है, जिन्होंने सही तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण की है।"
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "हम लगातार बिहार पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनसे एक रिपोर्ट मांगी गई है। जब रिपोर्ट आ जाएगी, तो भविष्य की कार्रवाई तय करेंगे...मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और सिस्टम में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। हमें विश्वास रखना चाहिए हमारे सिस्टम में और सरकार द्वारा कोई अनियमितता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
पेपर लीक की जांच में क्या मिला?
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को NEET पेपर लीक से जुड़ी पूरी रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें 21 जून तक की जांच प्रगति की पूरी जानकारी, सबूत और फैक्ट के साथ-साथ आरोपियों के बयान भी शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में जलाए गए नीट यूजी प्रश्न पत्र-बुकलेट को नंबर के साथ रिपोर्ट में रखा गया है। अभ्यर्थियों की तरफ से दिए गए पोस्ट डेटेड चेक का जिक्र, पेपर लीक माफिया ने जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया और उसे बाद में फॉर्मेट कर दिया गया, पैसे के लेनदेन को लेकर मिले सबूत और उन सभी लोकेशन के बारे में भी जानकारी रिपोर्ट में दी गई जहां अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र और जवाब मुहैया कराए गए थे।
वहीं इस बीच NTA की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। कमेटी में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति में एम्स के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया और अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है।












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