एनसीपी का आरोप, शरद पवार के घर की सुरक्षा हटाई गई, उनका फोन टैप किया गया
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार परिवर्तन के साथ ही पूर्व की भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ लगे आरोपों की जांच शुरू होने जा रही है। दरअसल एनसीपी मुखिया शरद पवार ने आरोप लगाया था कि उनके फोन को टैप किया गया था। शरद पवार के इस आरोप की अब उद्धव ठाकरे ने जांच का फैसला लिया है। आरप था कि शरद पवार, उद्धव ठाकरे और संजय राउत के फोन को टैप किया गया था। ऐसे में इन आरोपों की अब जांच होगी। दरअसल प्रदेश के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को कहा था कि भाजपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई फोन लाइन को टैप करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू की जाएगी।
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राउत ने लगाया आरोप
गृहमंत्री के बयान के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके इस आरोपों को और हवा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने खुद उन्हें बताया था कि उनका फोन टैप किया जा रहा है। मैंने उन्हें बताया था कि जो भी मेरा फोन सुनना चाहता है वह सुन सकता है। मैं बालासाहेब ठाकरे का शिष्य हूं, मैं कुछ भी छुप कर नहीं करता हूं। संजय राउत ने ट्वीट करके लिखा, आपके फोन टैप हो रहे है..ये जानकारी मुझे भाजपा एक वरिष्ठ मंत्रीने भी दे रखी थी. मैने कहां था..भाई साहेब..मेरी बात अगर कोई सुनना चाहता है. तो स्वागत है..मै बाळासाहेब ठाकरेजी का चेला हूं. कोई बात या काम छुप छुपकर नही करता..सुनो मेरी बात..

चुनाव बाद भी जारी थी टैपिंग
आरोप है कि फोन की टैपिंग चुनाव खत्म होने के बाद भी जारी थे और शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर जब चर्चा चल रही थी तो इस दौरान भी फोन को टैप किया जा रहा था। एनसीपी ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने शरद पवार के दिल्ली आवास की सुरक्षा को हटा दिया था। यह फैसला बिना उन्हें पूर्व जानकारी दिए लिया गया था।

दिल्ली आवास की सुरक्षा हटाई गई
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शरद पवार के दिल्ली आवास पर उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है, जिसमे एक कॉन्सटेबल और 3 पीएसओ तैनात होते हैं। लेकिन पिछले तीन दिन से वहां पर कोई नहीं है। हमे इस बाबत केंद्र सरकार की ओर से कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। साफ है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अपना गुस्सा निकाल रहे हैं।












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