Navratri 2017: एशिया के सबसे बड़े गरबा स्थल पर 7000 लोगों ने रचाया रास
सूरत। नवरात्रि के पर्व का आगाज हो चुका है और गुजरात के पारंपरिक शहर सूरत में गरबा की शुरूआत भी। आप को बता दें कि नवरात्रि के पहले ही दिन सरसाणा डोम सहित शहर के अलग-अलग हिस्सों में गरबा रास शुरू हो गया।
दर्शकों की संख्या के लिहाज से एशिया के सबसे बड़े गरबा स्थल पर पहले ही दिन करीब सात हजार लोगों ने गरबा खेला। लोगों ने देर रात लगभग एक बजे तक गरबा नृत्य की रंगत जमाए रखी।
क्या है गरबा?
घट स्थापना गरबा को लोग पवित्र परंपरा से जोड़ते हैं और ऐसा कहा जाता है कि यह नृत्य मां दुर्गा को काफी पसंद हैं इसलिए नवरात्रि के दिनों में इस नृत्य के जरिये मां को प्रसन्न करने की कोशिश की जाती है। इसलिए घट स्थापना होने के बाद इस नृत्य का आरंभ होता है। इसलिए आपको हर डांडिया नाईट में काफी सजे हुए घट दिखायी देते हैं। जिस पर दिया जलाकर इस नृत्य का आरंभ किया जाता है। यह घट दीपगर्भ कहलाता है और दीपगर्भ ही गरबा कहलाता है।













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