केजरी का करारा वार. सिद्धू अगर होते तो राज्य 'उड़ता पंजाब' ना बनता
नई दिल्ली। सोमवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस वार्ता करके ये तो बताया कि उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा क्यों दिया लेकिन ये नहीं बताया कि आगे वो किस पार्टी के साथ अपनी पारी खेलेंगे।
लेकिन उनकी प्रेस वार्ता के बाद आप पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पूरा मौका मिल गया बीजेपी पर निशाना साधने का। अरविंद ने कहा कि अगर सिद्धू को पंजाब जाने दिया गया होता तो उन्होंने राज्य में मादक पदार्थों की समस्या पर बोला होता। केजरीवाल ने यह सवाल भी किया कि आखिर बीजेपी किसे बचाना चाह रही थी?
मालूम हो कि पंजाब इन दिनों नशे की गिरफ्त में हैं। राज्य के आधे से ज्यादा युवा ड्रग्स की चपेट में हैं। ऐसे में विधानसभा चुनावों में हर पार्टी के लिए ये एक मुख्य मुद्दा है जिसपर आप पार्टी लगातार बोल रही है। हाल ही में इस विषय पर अनुराग कश्यप ने फिल्म 'उड़ता पंजाब' बनायी थी, जिसे लेकर भी काफी विरोध हुआ था।
राज्य में लंबे वक्त से अकाली दल और बीजेपी गठबंधन की सरकार है जो कि राज्य को इस दंश से मुक्त नहीं करा पायी है।इसलिए अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर इस बात के लिए निशाना साधकर नई बहस को जन्म दे दिया है।













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