बेलगावी में रणदीप सुरजेवाला ने साधा BJP पर निशाना, कहा-'आधुनिक समय की ईस्ट इंडिया कंपनी'
Nav Satyagraha Baithak: कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर महात्मा गांधी की कांग्रेस अध्यक्षता की 100वीं वर्षगांठ के जश्न को लेकर असहज होने का आरोप लगाया है। कर्नाटक में कांग्रेस के महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति विरोधाभासी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और इसे आधुनिक समय की ईस्ट इंडिया कंपनी करार दिया।
गांधीवादी आदर्शों पर भाजपा की आलोचना
बेलगावी में चल रही कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के दौरान सुरजेवाला ने भाजपा पर गांधी की विचारधारा के खिलाफ काम करने और उनकी विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया। यह बैठक महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने की शताब्दी को समर्पित है।

सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा गांधी के सिद्धांतों से इतनी परेशान है कि वह इस ऐतिहासिक आयोजन पर तुच्छ बहाने बना रही है। भाजपा ने हमेशा उस विचारधारा का समर्थन किया है। जो गांधी के जीवनकाल में उनके खिलाफ थी।
नक्शे के विवाद पर कांग्रेस का पलटवार
हाल ही में भाजपा ने कांग्रेस पर जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन को भारत के नक्शे में नहीं दिखाने का आरोप लगाया था। सुरजेवाला ने इस आलोचना को खारिज करते हुए इसे तुच्छ बहाना करार दिया और कहा कि गांधी के आदर्शों की शक्ति भारत और दुनिया में हमेशा प्रभावशाली बनी रहेगी।
नवा सत्याग्रह बैठक का आयोजन
कांग्रेस ने गांधी की अध्यक्षता के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में नवा सत्याग्रह बैठक का आयोजन किया है। यह बैठक बेलगावी के महात्मा गांधी नगर वीर सौधा में हो रही है। कांग्रेस ने इस मौके पर गांधी के दर्शन और सिद्धांतों को वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक बताया।
रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की झलकियां साझा करते हुए महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। तस्वीरों में सीडब्ल्यूसी बैठक और महात्मा गांधी नगर में प्रदर्शित भारत का नक्शा दिखाया गया है।
कांग्रेस का संदेश
सुरजेवाला ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श राजनीति से परे हैं। वे सभी राजनीतिक और सामाजिक संघर्षों का समाधान प्रस्तुत करते हैं। भाजपा को गांधी की विरासत का सम्मान करना चाहिए। न कि उस पर सवाल उठाने के बहाने ढूंढने चाहिए।
भाजपा पर निशाना
कांग्रेस ने भाजपा पर गांधीवादी विचारधारा को कमजोर करने और अतीत में गांधी के विरोधियों के साथ अपनी पहचान को छुपाने का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम ने कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक मतभेद को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
राजनीतिक दृष्टिकोण
कांग्रेस का यह आयोजन न केवल महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए है। बल्कि इसे आगामी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा पर वैचारिक बढ़त बनाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।












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