माया-मुलायम और आप का खेल बिगाड़ने आ रही है नव भारत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती अराजकता और ध्वस्त कानून व्यवस्था के बीच मुलायम सिंह यादव और मायावती अपना-अपना उल्लू सीधा करने में जुटी हुई हैं। ऊपर से आम आदमी पार्टी चुनावी खेल में नया रंग लेकर आयी है। ऐसे में एक और पार्टी है, जो इन तीनों का खेल बिगाड़ सकती है। वो है नव भारत डेमोक्रेटिक पार्टी जो यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों से अपने प्रत्याशी उतारेगी।
पार्टी न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और बिहार में अपनी जड़ें बैठा चुकी है। पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार नव भारत का मुख्य लक्ष्य देश में सघन औद्योगिकीकरण करना, रोजगार सृजन, समृद्ध किसान और देश को सशक्त राष्ट्र बनाना है। पार्टी ने यूपी में 15 उम्मीदवारों को फाइनल कर दिया है, जिनकी सूची जल्द ही जारी कर दी जायेगी।
आम आदमी पार्टी की तरह नव भारत भी जनता के बीच से प्रत्याशियों को चुनने का काम कर रही है। यदि आप समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझते हैं और देश के लिये कुछ करना चाहते हैं, तो आप भी नव भारत से जुड़ सकते हैं। देश के तमाम बुद्धिजीवी पार्टी से जुड़ चुके हैं।
पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में जो लोग काम कर रहे हैं, उनके नाम एवं परिचय आप स्लाइडर में देख सकते हैं। इन लोगों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिये आप पार्टी की वेबसाइट www.nav-bharat.org पर भी जा सकते हैं।

नव भारत के पदाधिकारी
हम आपको नव भारत के उन लोगों से रू-ब-रू करायेंगे जो लोग एक नई राह पर निकल पड़े हैं।

शेखर तिवारी
आप पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। पिछले 40 साल से राजनीति में सक्रिय हैं।

आर के मिश्र
लीड इंडिया प्रोग्राम के विजेता रहे हैं। आप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

सुहास नेरुरकर
कर्नाटक के सुहास पार्टी के महासचिव हैं। आप 25 साल तक व्रिप्रो में कार्यरत रहे हैं।

एससी सुरेश बंगारा
सुरेश बंगारा रिटायर्ड वाइस एडमिरल हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ जंग में अहम भूमिका निभाई थी।

अरुंधति जोशी
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की वंशज अरुंधति जोशी एक समाजसेविका हैं।

शिव शंकर
केरल के निवासी शिव शंकर 27 साल से राजनीति में सक्रिय हैं।

गणेश तिवारी
कानपुर के रहने वाले गणेश तिवारी पत्रकार एवं समाज सेवी हैं।

मुस्तान ताम्बावाला
महाराष्ट्र के रहने वाले मुस्तान ताम्बावाला आईआईटी कानपुर से बीटेक हैं और तमाम एमएनसी में काम कर चुके हैं।

ज्योति दाहिया
पेशे से इंजीनियर ज्योति आर्थिक एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।












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