Mars Rover Opportunity का मॉडल बेंगलुरु के म्यूजियम में प्रदर्शित, विज्ञान और अंतरिक्ष से जोड़ने का प्रयास
अंतरिक्ष को एक्सप्लोर करने का सपना देखने वाले युवाओं को बेंगलुरू में बेहद शानदार मौका मिला जब उन्हें अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के रोवर अपॉर्च्युनिटी को करीब से समझने का मौका मिला। बेंगलुरु में रोवर का मॉडल दिखाया गया।

Mars Rover Opportunity NASA की ऐसी परियोजना है, जो अंतरिक्ष के बारे में रिसर्च कर रहे लोगों को रोमांचित करता है। इसका मॉडल बेंगलुरु के म्यूजियम में प्रदर्शित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनी युवाओं को विज्ञान और अंतरिक्ष से जोड़ने का प्रयास है।
दो दशक पहले नासा ने लाल ग्रह कहे जाने वाले मंगल यानी Mars पर प्राचीन जल के संकेतों की खोज के लिए रोवर भेजा था। इसका नाम ऑपर्च्युनिटी रखा गया था। इस परियोजना की मदद से वैज्ञानिक अन्वेषकों और अंतरिक्ष खोजकर्ताओं की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने की कोशिश हो रही है।
Mars Rover Opportunity का पूर्ण-स्तरीय मॉडल प्रतिकृति बेंगलुरु के विश्वेश्वरैया औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय (VITM) में रखा गया है।अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों के अमेरिकी अवर सचिव मारिसा लागो की मौजूदगी में रोवर को सार्वजनिक रूप से दिखाया गया।
चेन्नई में अमेरिकी महावाणिज्यदूत जूडिथ रेविन, यूआर राव सैटेलाइट सेंटर बेंगलुरु के निदेशक डॉ. एम. शंकरन, और जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में एनआईएसएआर मिशन सिस्टम मैनेजर एना मारिया ग्युरेरो ने गुरुवार, 1 जून को वीआईटीएम की स्पेस गैलरी में मार्स रोवर अपॉर्च्युनिटी की प्रतिकृति का अनावरण किया।
इस मौके पर अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स फॉर इंटरनेशनल ट्रेड मारिसा लागो ने कहा, अमेरिका और भारत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में और भी घनिष्ठ सहयोग करते हैं। अंतरिक्ष हमारी साझेदारी का एक और उदाहरण है।
मार्स रोवर ऑपर्च्युनिटी का फुल-स्केल मॉडल अमेरिका में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने तैयार किया था। यह मॉडल अमेरिका में डलेस, वर्जीनिया में स्मिथसोनियन के वायु और अंतरिक्ष संग्रहालय में और दुबई में 2020 वर्ल्ड एक्सपो के दौरान अमेरिकी मंडप में प्रदर्शित किया गया था। इसे चेन्नई में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास में अमेरिकन सेंटर में भी प्रदर्शित किया गया था।
युवाओं को अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में प्रेरित करने को लेकर चेन्नई में अमेरिकी महावाणिज्यदूत जूडिथ रेविन ने कहा, "यूएस महावाणिज्य दूतावास को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा को बढ़ावा देने में विश्वेश्वरैया औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय का समर्थन करने पर गर्व है।" उन्होंने उम्मीद जताई है कि मार्स रोवर ऑपर्च्युनिटी रेप्लिका के प्रदर्शन के साथ अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष उत्साही और नवप्रवर्तक प्रेरित होंगे।
रेविन ने कहा, "भारत में फुल स्केल मार्स रोवर अपॉर्च्युनिटी की प्रतिकृति का आगमन भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय तक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहयोग का प्रतीक है।" उन्होंने कहा, अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
2005 में शुरू किया गया अमेरिकी मिशन अपॉर्च्युनिटी के आधार पर भारत में अंतरिक्ष को एक्सप्लोर करने वाले युवाओं को विचारों के आदान-प्रदान के साथ मार्स मिशन के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
अमेरिका और भारत के बीच नागरिक अंतरिक्ष संवाद चार कार्य समूहों के आसपास तैयार किया गया है; इसमें पृथ्वी विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण, हेलियोफिजिक्स और मानव अंतरिक्ष उड़ान शामिल है।
अमेरिकी महावाणिज्यदूत जूडिथ रेविन के अनुसार, दोनों देशों के बीच सहयोग से पता चलता है कि अंतरिक्ष अन्वेषण के समर्थन में विकसित प्रौद्योगिकियों में वास्तविक दुनिया के एक्पसेरिमेंट हैं।
रेविन ने कहा, दूरसंचार और उपग्रह नेविगेशन में प्रगति से लेकर कृषि निगरानी और मौसम पूर्वानुमान तक, सैटेलाइट सभी को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, अमेरिकी और भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के पास दुनिया को बदलने के लिए मिलकर काम करने का अवसर है।"
विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं तकनीकी संग्रहालय (वीआईटीएम) के निदेशक के.ए. साधना ने कहा, "वीआईटीएम की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी गैलरी में नासा के मार्स रोवर ऑपर्च्युनिटी की फुल स्केल प्रतिकृति का प्रदर्शन लोगों को अंतरिक्ष को एक्सप्लोर करने और जुड़ने की प्रेरणा देगा। अंतरिक्ष अन्वेषण के चमत्कारों से प्रेरित होने का एक अनूठा अवसर मिलेगा।












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