यूक्रेन की वजह से दुनिया में अलग-थलग पड़े पुतिन को 'दोस्‍त' मोदी से उम्‍मीदें

नई दिल्‍ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन के बीच हैदराबाद हाउस में मुलाकात जारी है। यूं तो रूस भारत का पुराना साथी है लेकिन इस मुलाकात के कुछ और मायने भी हैं।

Narendra Modi-Vladimir-putin

दुनिया में अकेले पड़े पुतिन

मई में शुरू हुए यूक्रेन संकट की वजह से पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह की आर्थिक पांबदियां लगा रखी हैं। ऐसे में अब रूस की सबसे ज्‍यादा उम्‍मीदें अपने पुराने दोस्‍त पर टिकी हैं।

पुतिन इस दो दिवसीय भारत दौरे के तहत इस बात की पूरी कोशिश करेंगे कि भारत के साथ डिफेंस, एनर्जी और व्‍यापार जैसे मुद्दों पर कुछ सकारात्‍मक नतीजे लेकर वह मॉस्‍को वापस लौंटे।

रूस के विषयों पर करीबी नजर रखने वाले नंदन उन्‍नीकृष्‍णन ने पुतिन के भारत दौरे पर कहा है पुतिन अमेरिका और ईयू की ओर से लगाए गए बैन से काफी परेशान हैं।

पुतिन को इस समय एक बड़ा समर्थन चाहिए। भारत की यात्रा पर आकर वह दुनिया को दिखा देना चाहते हैं कि वह अकेले नहीं पड़े हैं और अभी भी ब्रिक्‍स देशों में उनका बड़ा रुतबा है।

वहीं रूस भारत के साथ ट्रेड को बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकते हैं। भारत भी चाहेगा कि रूस भारत के साथ मिलिट्री हार्डवेयर की टेक्‍नोलॉजी को शेयर करे।रूस के सथ भारत का व्‍यापार अभी सिर्फ 10 बिलियन डॉलर का है और पुतिन की पूरी क‍ोशिश होगी कि इसमें इजाफा हो।

20 अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

बुधवार को पुतिन भारत पहुंचे हैं। रूस और भारत का सैन्‍य क्षेत्र में सहयोग पिछले कई दशकों से चला आ रहा है और रूस भारत की करीब 70 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करता है।

पुतिन अपने इस दौरे के तहत डिफेंस के अलावा कुछ और मुद्दों जैसे न्‍यूक्लियर एनर्जी और डिफेंस के साथ ही करीब 20 अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

रूस भारत को मिलिट्री हार्डवेयर की आपूर्ति करने से जुड़ी अपनी डील को आगे बढ़ाने की पुरजोर कोशिश करेगा। मोदी और पुतिन की पहली मुलाकात जुलाई में ब्राजील में संपन्‍न हुई ब्रिक्‍स समिट के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच पिछले माह ऑस्‍ट्रेलिया में हुई जी-20 समिट के दौरान भी मुलाकात हुई थी।

रूस भारत को देगा तेल और हीरा

भारत, अमेरिका और चीन के बाद तेल का सबसे बड़ा आयातक है। भारत पिछले कई वर्षों से अपनी ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस की बड़ी गैस और तेल से जुडे़ प्रोजेक्‍ट में ज्‍यादा से ज्‍यादा भागीदार हासिल करने के लिए प्रयास करता रहा है। दोनों देशों के बीच इस पर भी चर्चा हो सकती है।

रूस दुनिया का सबसे बड़े ऑयल प्रोड्यूसिंग देशों में शामिल है। साथ ही उसके पास नैचुरल गैस का भी बहुत बड़ा भंडार है। यूक्रेन संकट के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर जो प्रतिबंध लगाए हैं उसके बाद वहां भारत से निर्यात- खासतौर पर फूड प्रोडक्‍ट्स का निर्यात बढ़ा है।

भारत कह चुका है कि वह रूस के खिलाफ प्रतिबंध की कार्रवाई में शामिल नहीं हो सकता है। दोनों नेता रूस से भारत को हीरे की आपूर्ति बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। रूस वैश्विक स्तर पर बगैर तराशे हुए हीरे का सबसे बड़ा उत्पादक है और भारत इसके सबसे बड़े आयातकों में है।

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