दिल्ली को जीतने की रणनीति खुद मोदी बनाएंगे
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी के सभी असरदार नेताओं को साफ कर दिया है कि वे अब दिल्ली विधान सभा चुनाव पर फोकस करें। दिल्ली को हर हालत में जीतना है। अगर दिल्ली में भाजपा सरकार नहीं बनी तो केन्द्र में सरकार चलाने का कोई मतलब नहीं रहेगा।

साफ-सुथरी सरकार
जानकारों का कहना है कि मोदी ने यह भी कहा है कि जनता से साफ-सुथरी सरकार देने के नाम पर वोट मांगे जाएं। जनता को बताया जाए कि मोदी सरकार ने राजधानी में अनाधिकृत कालोनियों को मान्यता दिलाने, बिजली के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास,सिख दंगा पीड़ित परिवारों के लिए की मुआवजा देने की घोषणा की।
शाह-जेटली का साथ
जानकारों का कहना है कि मोदी खुद अपने करीबी नेताओं जैसे अमित शाह, अरुण जेटली,राजनाथ सिंह के साथ मिलकर दिल्ली को फतेह करने की लगातार रणनीति बनाते रहेंगे। इस बीच, केंद्र सरकार में मंत्रियों को चुनाव में कोई न कोई रोल मिलेगा। सरकार की ओर से पार्टी को सबसे ज्यादा रणनीतिक सहयोग की जिम्मेदारी वित्तमंत्री अरुण जेटली पर होगी। डा. हर्षवर्धन भी चुनावी टीम का हिस्सा होंगे।
स्टार प्रचारक
भाजपा ने अपने नवजोत सिंह सिद्ध,शत्रुधन सिन्हा,स्मृति ईरानी जैसे स्टार प्रचारकों को कैंपेन में झोंकने का फैसला किया है। इस बीच,दिल्ली के ग्रामीण इलाकों के वोटरों को लुभाने की कोशिश के तहत भाजपा के नेताओं को राजधानी के गांवों की खाक छानने के लिए भी कहा जा रहा है।
भाजपा मुमकिन है कि दिल्ली के सभी गांवों को पाइप से पानी मुहैया कराने का वादा करे।उधर, भाजपा को इस बात का कहीं ना कहीं संतोष भी है कि अरविंद केजरीवाल की हालिया दिल्ली के गांवों की सभाओं का बेहद ठंडा असर रहा। बता दें कि दिल्ली के गांवों में हाल के दौर में भाजपा की मजबूत पकड़ रही है। दिल्ली के गांवों में दस से ज्यादा विधानसभा की सीटें हैं।












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