नरेंद्र मोदी जी कब खुलवायेंगे गंगा रिसर्च सेंटर का ताला?

गंगा रिसर्च सेंटर के बुरे दिन
बनारस के समाज सेवी और पत्रकार अजित तिवारी ने बताया कि एक दौर में गंगा रिसर्च सेंटर से छात्र एम.टेक,एम फिल और पीएचडी की डिग्रियाम लिया करते थे।जानकारों ने बताया कि गंगा रिसर्च सेंटर को 2011 के बाद से फिऱ से चालू करने की कोई कोशिश नहीं हुई। इस सेंटर की स्थापना प्रोफेसर यू.के. चौधरी ने की थी।
मोदी को पत्र लिखेंगे
जानकारों का कहना है कि जब गंगा की सफाई को लेकर पूरे देश में एक राय बनी हुई है,तब बनारस के गंगा रिसर्च सेंटर पर ताला पड़ा होना बेहद अफसोसजनक है। अजित तिवारी ने कहा कि बनारस के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह करेंगे कि गंगा रिसर्च सेंटर को फिर से चालू किया जाए। यही नहीं,इससे पहले जुड़े रहे शोधार्थियों और अध्यापकों को भी गंगा के सफाई अभियान से जोड़ा जाए क्योंकि इन्होंने तो इस विषय पर पहले ही काफी शोध किया है।
इनका इरादा गंगा सफाई मंत्री उमा भारती से भी मिलने का है ताकि गंगा रिसर्च सेंटर चालू हो सके। पर्यावरणविद दुष्यंत शर्मा ने इस बात पर अफसोस जताया कि जब प्रधानमंत्री गंगा की सफाई की बात कर रहे हैं,तब उनके लोकसभा क्षेत्र का गंगा से जुड़ा इतना अहम शोध संस्थान धन के अभाव में बंद पड़ा है।












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