डेटा लीक: मोदी सरकार ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ दिए सीबीआई जांच के आदेश
नई दिल्ली। फेसबुक डाटा लीक मामले में बड़ा कदम उठाते हुए ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी (MEITy)ने इस संबंध में सीबीआई को एक पत्र लिखा है। इस बात का खुलासा गुरुवार को सरकार की ओर से संसद में किया गया। संसद में सोशल मीडिया और फेक न्यूज के खिलाफ एक्शन के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ एक्शन के बारे में जानकारी दी।

दरअसल, केंद्र सरकार ने फेसबुक डाटा लीक मामले में ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं आया। इस वजह से केंद्र सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की आशंका की बात कही। सरकार को शक है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने भारतीयों के डेटा का दुरुपयोग किया है। गुरुवार को संसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरों की वजह से फैल रही हिंसा रोकने के लिए केंद्र सरकार व्हाट्सएप और फेसबुक को लगातार निर्देश दे रही है और इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का अहसास है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत के रणनीतिक हित और आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वॉट्सऐप को नोटिस भेजा है, जितनी घटनाएं हुई हैं, उनमें से अधिकतर वॉट्सऐप से फैली अफवाहों की वजह से हुई हैं। उन्होंने कहा कि वॉट्सऐप ने आगे बढ़कर इस तरह के कंटेंट को पब्लिश करने पर रोक लगते हुए कदम उठाए हैं।
इससे पहले केंद्र सरकार ने कैम्ब्रिज एनालिटिका को नोटिस भेजकर जानना चाहा कि क्या उसने फेसबुक पर मौजूद भारतीयों की जानकारी का इस्तेमाल भी किया है? नोटिस में सरकार ने छह सवाल पूछे हैं। कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से 5 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स के प्रोफाइल्स से जानकारियां एकत्र कर चुनावों को प्रभावित किया। मामला उजागर होने के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की एजेंसियां भी फेसबुक और कैम्ब्रिज एनालिटिका की जांच कर रही हैं। .कैंब्रिज एनालिटिका को भेजे गए नोटिस में पूछा गया था कि क्या कंपनी चुनावों प्रभावित करने को लिए भारतीयों का डेटा एकत्र करने में शामिल थी और वे कौन लोग थे, जिन्होंने कंपनी को यह काम सौंपा था। मंत्रालय ने यह भी पूछा कि उसे लोगों का डेटा कैसे मिला और कंपनी ने उस डेटा का उपयोग कैसे किया।












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