Daggubati Purandeswari: क्या स्पीकर के लिए पुरंदेश्वरी पर मोदी लगाएंगे मुहर?
New Lok Sabha Speaker 2024: नरेंद्र मोदी के भारत के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं। टीम मोदी में 71 मंत्रियों को जगह भी दी जा चुकी है। मंत्रालयों के बंटवारे के बाद अब लोकसभा स्पीकर को लेकर मंथन शुरू हो गया है। एनडीए के घटक दल लगातार विचार-विमर्श में जुट गए हैं।
उधर, सूत्रों के मुताबिक, मोदी स्पीकर की कुर्सी के लिए आंध्र प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और वरिष्ठ सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (Daggubati Purandeshwari) पर विचार कर रहे हैं।

हालांकि, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) घटक दल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) का दिल भी स्पीकर की कुर्सी पर आ चुका है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि नायडू स्पीकर की कुर्सी अपने पाले में चाहते हैं। लेकिन, बीजेपी इसे अपने पास रखना चाहती है। खास बात यह है कि साउथ की सबसे बड़ी राजनीतिक फैमिली यानी जीजा चंद्रबाबू नायडू और साली पुरंदेश्वरी (டகுபதி புரந்தேஸ்வரி) के संबंधों में पहले से बरकरार खटास को स्पीकर की कुर्सी पर मोदी का फैसला और बढ़ सकता है।
नायडू की चाह पूरी न हुई तो क्या होगा ?
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी बहुमत का आंकड़ा 272 नहीं छू सकी। सिर्फ 240 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। बीजेपी को सरकार बनाने के लिए एनडीए के घटक दलों की अहम जरूरत पड़ी। इसमें अहम भूमिका टीडीपी की रही। किंगमेकर बनकर उभरी टीडीपी ने चुनाव में 16 सीटें जीतीं थी। एनडीए के बहुमत के आंकड़े को पार करते ही मोदी लगातार तीसरी बार पीएम बने। अब अटकलें यह हैं कि टीडीपी प्रमुख की स्पीकर की कुर्सी की चाह पूरी न हुई तो कहीं समर्थन वापस न ले ले। ऐसे में मोदी सरकार को बड़ा घाटा हो सकता है।
क्यों चाहती है स्पीकर की कुर्सी TDP?
दरअसल, टीडीपी अपनी पार्टी को भविष्य में विभाजन से बचाने के लिए स्पीकर की कुर्सी चाहते हैं। जिससे स्पीकर की भूमिका दल-बदल वाले कानून को लागू कर सके। खास बात यह है कि इस कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पास भी सीमित ही अधिकार हैं।












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