मोदी बने पीएम तो देश करेगा तरक्की और औकात में रहेंगे दुश्मन

इस बार भारत के लोकसभा चुनाव आम नहीं खास रहें क्योंकि जनता ने सांसद नहीं बल्कि सीधे प्रधानमन्त्री को चुना हैं। मोदी ने अपनी व्यापक तैयारियों से इस चुनाव को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसा बना दिया। जनता का इस तरह से सारे रिकार्ड तोड़कर चुनाव में ऐतिहासिक मतदान करना सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की निशानी है।

आम चुनाव की मतदान प्रक्रिया समाप्त होते ही जनमानस की नजर 16 मई पर टिकी हुयी है। देश का अगला पीएम अभी ईवीएम मशीनों में कैद है, किन्तु मीडिया के एक्जिट पोल एनडीए को पूर्ण बहुमत में आने का दावा ठोक रहें। वैसे ज्योतिष की गणित के अनुसार मेरा भी विचार है, अबकी बार भाजपा पूर्ण बहुमत प्राप्त करके सत्ता में आयेगी। यदि भाजपा या एनडीए पूर्ण बुहमत में आयी तो मोदी का प्रधानमन्त्री बनना तय है। ऐसे में कुछ अहम सवाल उठते है।

क्या मोदी जनता की गरीबी व विकास की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे ? क्या मोदी के पीएम बनने से भारत विकसित राष्ट्रों के श्रेणी में आ पायेगा ? मोदी के पीएम होने से भारत के विदेशों से सम्बन्ध कैसे होंगे ? मोदी प्रधानमन्त्री बनेगें तो भारत की रक्षा व अर्थ नातियाॅ कैसी होंगी ? क्या मोदी गुजरात की तरह पूरे भारत की जनमानस को भय मुक्त, अपराध मुक्त, दंगा मुक्त, कुशासन मुक्त व अन्याय मुक्त आदि करने में कामयाब होंगे ?

आइये इन सभी भविष्य के सवालों का जबाव ढ़ूढते मोदी की कुण्डली में ?

नई राजनीति का शुभारम्भ

नई राजनीति का शुभारम्भ

पहले सवाल पर आते है, मोदी ने अपने जीवन में गरीबी को काफी करीब से देखा है। शनि सेवक व गरीबी का प्रतिनिधित्व करता है। मोदी की कुण्डली में शनि मजबूत होकर दशवें भाव में बैठा। इस कारण मोदी देश के पीएम बनने के बाद रचनात्मक विकास की नई राजनीति का शुभारम्भ करेंगे। गरीब जनता के लिए कुछ ऐसी योजनायें लेकर आयेंगे जिससे कि कोई भी गरीब अपनी गरीबी और इलाज के अभाव में मरने न पाये।

आर्थिक रूप से समृद्ध होगा भारत

आर्थिक रूप से समृद्ध होगा भारत

कोई भी देश विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में तभी आ सकता है, जब वह आर्थिक रूप से अत्यधिक समृद्ध हो। आर्थिक मजबूती का कारक बुध माना जाता है। मोदी की कुण्डली में बुध उच्च का होकर लाभ भाव में बैठा है। बुध के उच्च होने से मोदी भारत के व्यापक बाजार को ब्रान्ड बनाकर ऐसा सजायेंगे जिससे पश्चिमी देश आकृष्ट होकर भारत में निवेश करने के लिए लाइन लगायें। लेकिन निवेश भारत की शर्तो पर ही करना होगा। जितना विदेशी निवेश होगा उतनी ही भारत के पास विदेशी मुद्रा का भण्डार होगा। भारत सांस्कृतिक रूप में सबसे आगे है, लेकिन अगामी वर्षो में वह विश्व की आर्थिक रेस में प्रथम स्थान हासिल करने के सपने को साकार करने की जुगत में कटिबद्ध रहेगा।

अमेरिका भी रहेगा कंट्रोल में

अमेरिका भी रहेगा कंट्रोल में

सबसे अहम मुद्दा यदि मोदी पीएम होंगे तो भारत के विदेशी सम्बन्ध कैसे होंगे। साख, सहयोग व सन्तुलन पर विदेशी सम्बन्धों के रिश्तों की बुनियाद टिकी होती है। अमेरिका दुनिया का चैधरी है और भारत विश्व का सांस्कृतिक गुरू। कोई भी चैधरी अपने गुरू की सलाह का अनुसरण न करें ऐसा हो नहीं सकता बर्शेते गुरू वाकई में गुरू होना चाहिए। अमेरिका की राशि मेष है और मोदी की राशि वृश्चिक है। दोनों की राशि का मालिक प्रचंड साहसी व अहंकारी मंगल है। इसलिए आपस में एक बार टकराव होना तय है किन्तु बाद में अमेरिका भारत को तवज्जों देगा और सम्मान की नजर से भी देखेगा।

 चीन भी रहेगा नियंत्रण में

चीन भी रहेगा नियंत्रण में

चीन की राशि भी मेष है। मोदी कोशिश करेंगे कि चीन से कम मात्रा में माल आयात करके भारत के पारम्परिक व घरेलू व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाये। चीन के साथ आर्थिक सम्बन्धों को सामान्य रखकर भारत चीन की विस्तारवादी नीति पर अंकुश लगाने के लिए कोई कठोर रणनीति अपनायेगा।

पाकिस्तान भी मुंह की खायेगा

पाकिस्तान भी मुंह की खायेगा

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ की नाम राशि वृश्चिक है और नरेन्द्र मोदी की भी नाम राशि वृश्चिक है। वृश्चिक माने बिच्छू और बिच्छू में जहर होता है। इसलिए यदि पाकिस्तान जहर उगलेगा तो उसके बदले में भारत भी जहर उगलेगा। यानि जैसो को तैसा मिले, मिले नीच को नीच। मतलब साफ है, पाकिस्तान भारत के साथ जैसा बर्ताव करेगा, भारत वैसा बर्ताव उससे बेहतर करेगा।

जापान से हो सकती है दोस्ती

जापान से हो सकती है दोस्ती

जापान की मकर राशि तथा रूस की तुला राशि है। मकर राशि मोदी की कुण्डली में तीसरे भाव में है एंव तुला राशि का स्वामी शुक्र मोदी का अच्छा है। भारत जापान से नये तकनीकी ज्ञान का बड़े पैमाने पर आयात करेगा और रूस से सामरिक व आर्थिक सम्बन्ध मजबूत करके अपनी पुरानी दोस्ती को और पक्का करेगा।

नई नीतियां और खुशहाल भारत

नई नीतियां और खुशहाल भारत

जॅहा तक मोदी के पीएम बनने पर अर्थ व रक्षा नीतियों का सवाल है। अर्थ का कारक बुध एंव रक्षा का संकेतक ग्रह मंगल है। मोदी की कुण्डली में बुध व मंगल काफी अच्छी स्थिति में है। बुध उच्च का है एंव मंगल अपनी स्वराशि वृश्चिक का होकर और अधिक बलवान है। मोदी नई सरकार की अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए निवेशको के खोये हुये विश्वास को लौटाने के लिए उचित नीतियां बनायेंगे। सरकार बनने के एक माह बाद बजट पेश करना होगा। मोदी रक्षा बजट पर अधिक व्यय करेंगे और भारत की आर्मी को आधुनिक साजों सामान से लैस करने की भरसक कोशिश करेंगे। मोदी के समय में कुछ ऐसे परीक्षण भी किये जायेंगे जिससे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की धाक बनें।

मोदी किसी को नहीं बक्शेंगे.. हर दोषी को मिलेगी सजा

मोदी किसी को नहीं बक्शेंगे.. हर दोषी को मिलेगी सजा

अन्तिम सवाल क्या गुजरात की तरह मोदी भारत की सम्पूर्ण जनता को भय मुक्त, दंगा मुक्त, अपराध मुक्त, कुशासन मुक्त व अन्याय मुक्त आदि करने में कामयाब होंगे। शनि अपराध, अन्याय, कुशासन, महिलाओं पर जुर्म आदि को कदापि बर्दास्त नहीं करता है। शनि दो वर्ष से अपनी उच्च राशि तुला में गोचर कर रहा है, तब से भारत में जिसने भी अपराध किया, भ्रष्टाचार किया, कानून का उलघंन किया, गरीब जनता को सताया या धार्मिक प्रतीक बनकर कुकर्म किया उसे सजा जरूर मिली है। चाहे वो ए राजा हो, संजय दत्त हों, लालू यादव हो, सुब्रत राय हो या फिर आसाराम बापू हो। शनि ने किसी को माफ नहीं किया है, बल्कि दण्ड दिलवाया है।

होगा सिर्फ इंसाफ...

होगा सिर्फ इंसाफ...

मोदी की जन्मतालिका में शनि तीसरे भाव व चौथे भाव का स्वामी का होकर दशवें खानें में दण्डाधिकारी के रूप में विद्यमान है। तीसरा भाव पराक्रम व साहस एंव चैथा भाव संसद का कारक है। शनि सेवक है, सहायक है एंव सहानुभूतिदायक है। लेकिन जब वह शासक का रूप धारण करता है, तो गलती करने वाले किसी को माफ नहीं करता चाहे वह अपना हो या पराया। फिर सिर्फ न्याय होगा और अन्याय करने वालें को सजा मिलेगी। कुछ ऐसा ही स्वरूप भारत के लिए नरेन्द्र मोदी का प्रतीत होगा।

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