संगीतकार श्रवण राठौड़ का कोरोना से निधन, बेटा बोला- कुंभ मेले से कुछ दिन पहले लौटे थे
मुंबई, अप्रैल 23: बॉलीवुड के संगीतकार नदीम श्रवण की प्रसिद्धि जोड़ी अब हमेशा के लिए टूट गई। गुरुवार को संगीतकार श्रवण राठौड़ की कोरोना के चलते मौत हो गई। कोरोना वायरस के असर के कारण श्रवण के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। गुरुवार रात करीब 9:30 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। उनकी मौत के बाद श्रवण के बेटे संजीव ने बताया कि उनके पिता 66 वर्षीय संगीतकार श्रवण कुछ दिन पहले अपनी पत्नी के साथ कुंभ मेले से लौटे थे, और लौटने पर सांस फूलने की शिकायत की थी। जिसके बाद में दोनों ने कोरोनावायरस टेस्ट करवाया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

श्रवण की पत्नी के अलावा दोनों बेटे भी कोरोना की चपेट में
श्रवण के बेटे संजीव ने मीडिया को बताया कि कोविड -19 के लिए सकारात्मक परीक्षण से कुछ दिन पहले उनके पिता और मां कुंभ मेले से लौटे थे। उन्होंने कहा, "हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे परिवार को ऐसे कठिन समय से गुजरना पड़ेगा, मेरे पिता का निधन हो गया, मैं और मेरी भी कोरोना पॉजिटिव है। मेरा भाई भी कोरोना पॉजिटिव है और हम लोग आइसोलेशन में हैं लेकिन जब से हमारे पिता की मृत्यु हुई है, तो मेरे भाई को उनके अंतिम संस्कार करने के लिए लॉस्ट फारमेल्टीज करने की इजाजत दी है।
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संजीव बोला- अस्पताल के बारे में ये जो बात फैलाई जा रही वो झूठी है
संजीव ने कहा, "मेरी मां विमलादेवी, और मैं सेवनहिल्स में हूं। हम दोनों एक दूसरे के बगल के बेड पर हैं लेकिन हम दोनों ठीक हो रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "कुछ अफवाहें थीं कि अस्पताल बिलिंग के कारण मेरे पिता के शरीर को नहीं दे रहा है, लेकिन यह असत्य है, अस्पताल ने बहुत समर्थन किया है और उन्होंने वह सब कुछ किया जो वे मेरे पिता को बचाने के लिए कर सकते थे।"उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। "मेरे भाई दर्शन अस्पताल के लिए रवाना हो गए हैं और वहां पिताजी का शव मिलेगा। बीएमसी एंबुलेंस आदि के लिए हमारी मदद कर रहा है, क्योंकि वह भी सकारात्मक है।"

1990 में नदीम श्रवण की जोड़ी ने किया राज
श्रवण राठौड़ को बीते हफ्ते शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मुंबई के एस.एल. रहेजा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था जहां मौत हुई। 1990 के दशक में बॉलीवुड में नदीम-श्रवण की जोड़ी का राज था। कई सुपरहिट फिल्मों मे उन्होंने इस दशक में संगत दिया। उनकी पहली बड़ी फिल्म जिसका संगीत बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ, वो आशिकी थी। इसके अलावा- 'साजन', 'सड़क', 'दिल है कि मानता नहीं', 'फूल और कांटे', 'हम हैं राही प्यार के', 'राजा हिंदुस्तानी', 'रंग', 'राजा', 'धड़कन', 'परदेस', 'दिलवाले', 'अंदाज', 'बरसात', 'सिर्फ तुम', जैसी फिल्मों में उन्होंने संगीत दिया। ये जोड़ी एक समय बॉलीवुड की सबसे कामयाब और महंगी संगीतकार जोड़ी थी।












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