मुरथल गैंगरेप के गवाह ने कहा, मेरे सामने उपद्रवियों ने महिलाओं के कपड़े फाड़े
नयी दिल्ली। कहते हैं कि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता है। लेकिन हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान भीड़ का जो चेहरा सामने आया है उसने देश का चेहरा दुनिया भर के सामने शर्म से झुका दिया है। सोनीपत के मुरथल में भीड़ ने महिलाओं के साथ जो किया उसे पुलिस अब तक नकारती रही है, लेकिन खेतों में बिखरे महिलाओं के अंडरगारर्मेंट को देखकर कहना मुश्किल नहीं है कि वहां सब ठीक नहीं था। मुरथल गैंगरेप: आंदोलन की आड़ में 'हवस' का गंदा खेल, गवाह आया सामने
मुरथल में हुए कथित गैंगरेप के मामले में बड़ा मोड़ आया है। इस घिनौनी वारदात का चश्मदीद गवाह सामने आ गया है। मौके पर पहुंचे एक ट्रक चालक ने स्वीकारा है कि उसके सामने महिलाओं से बदसलूकी की गई। ट्रक ड्राइवर निरंजन ने कहा कि उसके सामने महिलाओं के कपड़े फाड़े गए। एक चैनल से बातचीत के दौरान उसने कहा कि उस दिन जो हुआ वो 1984 के दंगों से भी भयावह था।
गैंगरेप का गवाह आया सामने
अपने बयान में निरंजन ने कहा कि 22 फरवरी को वो भी जाम में फंस गए थे। प्रदर्शनकारियों ने उनके ट्रक को भी आग लगा दी। वो खतरनाक मंजर था। निरंजन ने कहा कि वो 1984 के दंगे को भी देख चुके हैं, लेकिन मुरथल जैसा शर्मनाक मंजर उन्होंने नहीं देखा उपद्रवी महिलाओं से बदसलूकी कर रहे थे और वो चिल्ला-चिल्ला कर भाग भी रही थी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ पुरुष भी थे लेकिन अपराधी इतनी संख्या में थे कि वे कुछ नहीं कर पाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं को जबरन खेतों की तरफ ले जाते थे। निरंजन ने कहा कि बदमाशों ने उनकी आंखों के सामने भी कपड़े फाड़े गए लेकिन वे भी कुछ नहीं कर सके, क्योंकि, उपद्रवियों के हाथों में हथियार थे। निरंजन ने कहा कि वो पुलिस के सामने बयान द ेने को तैयार है। वहीं महिला आयोग ने भी इस मसले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।












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