क्या दाभोलकर, पानसरे, लंकेश और कलबुर्गी की हत्याओं में कोई समानता है? सुप्रीम कोर्ट का सीबीआई से सवाल
तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, सीपीआई नेता गोविंद पानसरे, कार्यकर्ता-पत्रकार गौरी लंकेश और एमएम कलबुर्गी की हत्याओं के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से सवाल करते हुए पूछा कि इन सभी लोगों की हत्याओं में कोई समानता है क्या?
जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने नरेंद्र दाभोलकर की बेटी मुक्ता दाभोलकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए CBI से कई सवाल दागे। मुक्ता दाभोलकर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर ने बेंच से कहा कि 4 हत्याओं के पीछे एक बड़ी साजिश थी। उन्होंने कहा कि कुछ सबूतों से यह संकेत मिल रहे हैं कि ये मामले एक दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। मुक्ता दाभोलकर ने बंबई हाईकोर्ट के सामने भी यह मुद्दा उठाया था।

चारों की गोली मारकर की गई थी हत्या
अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाले दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में सुबह की सैर के दौरान दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पंसारे की हत्या 20 फरवरी, 2015 को की गई थी, जबकि लंकेश की 5 सितंबर, 2017 को हत्या कर दी गई थी। कलबुर्गी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 30 अगस्त 2015 को मृत्यु हो गई।












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