बेंगलुरु के तकनीकी विशेषज्ञ की आत्महत्या पर बोलीं सांसद कंगना रनौत, कहा-'करोड़ों रुपए की उगाही की जा रही थी'
Karnataka News: बेंगलुरु एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जब बेंगलुरु के 32 वर्षीय तकनीकी विशेषज्ञ अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली। अपने अंतिम समय में उन्होंने 80 मिनट का वीडियो और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा। जिसमें अपनी पत्नी और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया और उसके रिश्तेदारों ने उन्हें और उनके परिवार को कानूनी मामलों के जरिए मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया।
आरोपों के घेरे में पत्नी और परिवार
सुभाष ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में यह दावा किया कि उनकी पत्नी और उसके परिवार ने उनके खिलाफ बार-बार कानूनी कार्रवाई की। जिससे वह भारी वित्तीय दबाव और मानसिक पीड़ा में आ गए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार से जबरन करोड़ों रुपये की मांग की गई। जो उनकी क्षमता से बहुत अधिक थी।

कंगना रनौत ने जताई संवेदना, नकली नारीवाद पर साधा निशाना
भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस मामले पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूरा देश सदमे में है। अतुल का वीडियो दिल दहला देने वाला है। नकली नारीवाद और कानूनों के दुरुपयोग की निंदा होनी चाहिए। रनौत ने मीडिया से बातचीत में वैवाहिक विवादों के लिए बनाए गए कानूनों के गलत इस्तेमाल पर प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को मजबूत करना आवश्यक है। लेकिन उनके दुरुपयोग को रोकना भी उतना ही जरूरी है।
परिवार ने दर्ज की शिकायत, न्याय की मांग
सुभाष के परिवार ने निकिता, उनके रिश्तेदारों और एक जज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने सुभाष को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। परिवार ने उनके बेटे की कस्टडी और न्याय की गुहार लगाई है।
विवाह की पवित्रता पर सवाल
कंगना ने वैवाहिक कलह के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परंपरा में निहित विवाह अधिक सफल होते हैं। आधुनिक समाजवाद और साम्यवाद के प्रभाव से रिश्तों में स्थिरता खत्म हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी दी चेतावनी
महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों के दुरुपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही चिंता जताई है। अदालत ने निर्दोष लोगों के उत्पीड़न को रोकने और असली पीड़ितों को न्याय दिलाने के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है।
विवाह के दबाव में टूटे रिश्ते
2019 में शादी करने वाले सुभाष और निकिता की मुलाकात एक मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर हुई थी। शादी के दो साल बाद ही रिश्ते में दरार पड़ने लगी। 2021 में उनकी पत्नी अपने बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। जिसके बाद से कानूनी लड़ाई शुरू हुई।
आखिरी अपील में बेटे की कस्टडी की गुहार
अपने आखिरी संदेश में सुभाष ने अपने परिवार से आग्रह किया कि उनकी अस्थियों को तब तक न विसर्जित करें। जब तक उन्हें न्याय न मिल जाए। उन्होंने अपने बेटे की कस्टडी को लेकर अपनी अंतिम इच्छा भी व्यक्त की।
यह मामला देश में वैवाहिक कानूनों और सामाजिक दबाव के प्रभाव पर गहरी चर्चा का कारण बना है। अतुल सुभाष की आत्महत्या एक दुखद घटना है। जो कानून, समाज और व्यक्तिगत पीड़ा के बीच जटिल रिश्ते को उजागर करती है।
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