मॉर्निंग वॉक में छिपा खतरा! सुबह 6 बजे मंडराती है मौत? मकसद-पैटर्न एक, Fauja Singh समेत 7 हत्याओं का डरावना सच
Morning Walk Killings: सुबह की सैर अगर आपकी रोजमर्रा की आदत है, तो सावधान हो जाइए। कहीं यह आपकी आखिरी सैर न बन जाए। दरअसल, भारत से लेकर अमेरिका तक, मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई हत्याओं ने समाज को झकझोर दिया है। हाल ही में हैदराबाद में CPI नेता चंदू राठौड़ की गोली मारकर हत्या ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है।
टर्बन टॉरनेडो' के नाम से मशहूर फौजा सिंह को भी मार्निंग वॉक के दौरान एक तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। खास बात यह है कि हत्याओं की सभी वारदातें सुबह 6 से साढे़ 7 के बीच हुईं। आइए, दुनिया भर में मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई कुछ सनसनीखेज हत्याओं की खौफनाक कहानियों को जानते हैं, जो खून जमा देने वाली हैं...

1. CPI leader Chandu Rathod: चंदू राठौड़, हैदराबाद, भारत (15 जुलाई 2025)
- खौफनाक घटना: 47 वर्षीय CPI नेता चंदू राठौड़ की 15 जुलाई 2025 को सुबह 7:30 बजे हैदराबाद के मलकपेट में शालिवाहन नगर पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। चार हमलावर स्विफ्ट डिजायर कार में आए, पहले उनके चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका, फिर 5-7 गोलियां दागीं। चंदू की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी नारी बाई ने बताया कि एक पूर्व माओवादी, राजेश, के साथ रियल एस्टेट विवाद के कारण रंजिश थी। उसी दिन दोपहर चारों आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
- मकसद: पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे कुंटलूर में झोपड़ियों से जुड़ा रियल एस्टेट विवाद और पुरानी रंजिश है। चंदू 2022 में LB नगर में एक हत्या के मामले में भी आरोपी थे।
2. Fauja Singh: फौजा सिंह, जालंधर, (14 जुलाई 2025)
- खौफनाक घटना: 114 वर्षीय सिख मैराथन धावक फौजा सिंह, जिन्हें 'टर्बन टॉरनेडो' के नाम से जाना जाता था, 14 जुलाई 2025 को सुबह 6:30 बजे पंजाब में जालंधर के निकट अपने जन्म गांव ब्यास पिंड में सड़क पार करने की कोशिश करते समय एक कार ने टक्कर मार दी। यह हिट-एंड-रन का मामला था, और ड्राइवर मौके से फरार हो गया। फौजा सिंह, पूर्वी लंदन के इलफोर्ड में रहने वाले इस एथलीट थे। फौजा 100 साल की उम्र में भी मैराथन दौड़ चुके थे, और उनकी मौत ने सिख समुदाय को स्तब्ध कर दिया।
- मकसद: पुलिस इसे दुर्घटना मान रही है, लेकिन सुनियोजित हमले की आशंका की जांच चल रही है। CCTV फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
3. Narendra Dabholkar: नरेंद्र दाभोलकर, पुणे, भारत (20 अगस्त 2013)
- खौफनाक घटना: तर्कवादी और अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को सुबह 7:15 बजे पुणे के ओंकारेश्वर मंदिर के पास मॉर्निंग वॉक के दौरान दो बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। चार गोलियां उनके शरीर को भेद गईं। दाभोलकर 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के संस्थापक थे और काले जादू के खिलाफ अभियान चलाते थे।
- मकसद: CBI ने हत्या को दक्षिणपंथी संगठनों सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति समिति से जोड़ा। उनकी अंधविश्वास विरोधी गतिविधियां हत्या का कारण बनीं। कई संदिग्ध गिरफ्तार हुए।
4. जेसिका लन्सफोर्ड, फ्लोरिडा, यूएसए (27 फरवरी 2005)
- खौफनाक घटना: 9 वर्षीय जेसिका लन्सफोर्ड की फ्लोरिडा के होमोसासा में 27 फरवरी 2005 को सुबह 7:00 बजे मॉर्निंग वॉक के दौरान अपहरण के बाद बलात्कार और हत्या कर दी गई। पड़ोसी जॉन कूए ने उसका अपहरण किया और शव को पास के खेत में दफना दिया। जेसिका का शव कई दिन बाद बरामद हुआ।
- मकसद: कूए ने अपराध कबूल किया। DNA और अन्य सबूतों के आधार पर उसे मौत की सजा सुनाई गई। इस मामले ने अमेरिका में बाल सुरक्षा कानूनों को लेकर बहस छेड़ दी।
5. दीपक कुमार, बवाना, दिल्ली, भारत (27 जून 2025)
- खौफनाक घटना: 43 वर्षीय दीपक कुमार की 27 जून 2025 को सुबह 6:00 बजे दिल्ली के बवाना में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी 4 साल की बेटी, जो साथ थी, गोली लगने से घायल हो गई। दीपक कुख्यात गैंगस्टर मंजीत महाल का भांजा था। हमलावर बाइक पर आए और चार गोलियां दागकर फरार हो गए।
- मकसद: पुलिस ने इसे नंदू गैंग से जोड़ा, जो मंजीत महाल के साथ गैंगवार में शामिल है। दीपक शेयर ट्रेडिंग का काम करता था और B.Tech डिग्री धारक था।
6. लकेन राइली, जॉर्जिया, यूएसए (22 फरवरी 2024)
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खौफनाक घटना: 22 वर्षीय नर्सिंग छात्रा लकेन राइली की 22 फरवरी 2024 को सुबह 9:03 बजे जॉर्जिया विश्वविद्यालय परिसर में जॉगिंग के दौरान हत्या कर दी गई। केवल 25 मिनट बाद उसका शव ओकोनी फॉरेस्ट पार्क में हेरिक झील के पास मिला। उसकी मौत कुंद बल और दम घुटने से हुई।
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मकसद: पुलिस ने जोस एंटोनियो इबारा को गिरफ्तार किया। हत्या का मकसद व्यक्तिगत रंजिश या अवसरवादी हमला माना गया।
7. Haren Pandya: हरेन पंड्या, अहमदाबाद, भारत (26 मार्च 2003)
- खौफनाक घटना: गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री हरेन पंड्या की 26 मार्च 2003 को सुबह 7:40 बजे अहमदाबाद के लॉ गार्डन में मॉर्निंग वॉक के बाद कार में बैठते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो हमलावरों ने उन पर पांच गोलियां चलाईं। उनका शव दो घंटे तक कार में पड़ा रहा।
- मकसद: CBI ने इसे राजनीतिक रंजिश और गुजरात दंगों (2002) से जोड़ा। कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मामला विवादास्पद रहा।
सभी हत्याओं का पैटर्न एक
- सुनियोजित साजिश: चंदू राठौड़, दीपक कुमार, और हरेन पंड्या की हत्याएं सुनियोजित थीं, जहां हमलावरों ने टारगेट को पहले से ट्रैक किया।
- मकसद: रियल एस्टेट (राठौड़), राजनीतिक रंजिश (दाभोलकर, पंड्या), गैंगवार (दीपक), और अवसरवादी अपराध (लकेन, जेसिका) प्रमुख कारण रहे।
- समय और स्थान: अधिकांश हत्याएं सुबह 6:00-7:30 बजे के बीच पार्कों या कम भीड़ वाले इलाकों में हुईं, जहां टारगेट अकेले या असुरक्षित थे।
- सामाजिक प्रभाव: इन हत्याओं ने स्थानीय समुदायों में डर पैदा किया और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग को बल दिया।
खौफ का सबक
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई ये हत्याएं न केवल व्यक्तिगत त्रासदियां हैं, बल्कि समाज में बढ़ते अपराध और असुरक्षा की गहरी सच्चाई को उजागर करती हैं। चंदू राठौड़ की ताजा हत्या से लेकर दाभोलकर और पंड्या जैसे पुराने मामलों तक, ये घटनाएं पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती हैं। लोग अब सुबह की सैर के दौरान सतर्कता बरत रहे हैं, और विशेषज्ञ भीड़-भाड़ वाले पार्कों और समूह में टहलने की सलाह दे रहे हैं। क्या सरकार और कानून-व्यवस्था इन हत्याओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी? यह सवाल हर किसी के मन में है।
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