'मोरबी पुल एक सेकेंड में नदी में गिर गया...', स्थानीय लोगों ने बताया कितना भयानक था हादसा
'मोरबी पुल एक सेकेंड में नदी में गिर गया...', स्थानीय लोगों ने बताया कितना भयानक था हादसा
Morbi Cable Bridge Collapses: गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज के टूटकर मच्छु नदी में गिरने से अब तक 100 लोगों की मौत हो गई है। कई लोग घायल हैं। मोरबी में रविवार को शाम 6.42 बजे केबल ब्रिज यानी "हैंगिंग ब्रिज" अचानक नदी में गिर गया, उस वक्त ब्रिज पर 150 से अधिक लोग मौजूद थे। जिसमें से 100 से अधिक लोगों की जान चली गई है। (सोमवार सुबह तक) लगभग 177 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। हालांकि मृतकों का विवरण उपलब्ध नहीं है लेकिन मोरबी सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल में मरने वालों में ज्यादातर डूबने से मरने वाले बच्चे थे। उन्होंने कहा, "कुछ घायलों की हालत गंभीर है।" उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अब स्थानीय लोगों ने मोरबी पुल के गिरने का आंखों देखा हाल बताया है।

'केबल टूट गया और पुल एक सेकंड के भीतर गिरा...'
हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना पल भर में घटी थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ''दुर्घटना के समय पुल खचाखच भरा हुआ था क्योंकि दिवाली की छुट्टियों के कारण कई लोग यहां घूमने आए हुए थे।'' ये खुज ब्रिज पर घूमने आए थे और घटना से पहले ये पुल से निकल गए थे।
एक अन्य स्थानीय ने बताया, ''केबल टूट गया और पुल एक सेकंड के भीतर गिर गया। लोग एक दूसरे पर गिरते हुए नदी में गिर गए। कुछ लोग पुल के किनारे की सलाखों को पकड़ने में कामयाब रहे लेकिन अधिकतर लोग नदी में गिर गए।''

'एक बार में इतने लोगों को क्यों जाने दिया गया...'
कई स्थानीय लोगों ने सवाल किया है कि स्थानीय अधिकारियों ने एक ही बार में इतने लोगों को पुल पर क्यों जाने दिया। एक अन्य स्थानीय निवासी रंजनभाई पटेल ने कहा, ''हमने ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की कोशिश की। हमने ऐसे लोगों को बाहर निकाला जो तैरने में सक्षम थे। चूंकि ज्यादातर लोग नदी के बीच में गिर गए थे, इसलिए हम उन्हें बचा नहीं पाए। स्थानीय अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में बहुत समय लगा दिया था।''

'हम लोगों को बचाने के लिए नदी में कूदे...'
सोशल मीडिया पर वीडियो में दिखाया गया है कि लोग ब्रिज के गिरने के बाद भी किसी तरह ब्रिज के किनारों को पकड़ कर लटके हुए हैं। जबकि कई लोग तैरकर नदी से बाहर निकले हैं। न्यूज एजेंसी ने पीटीआई ने एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा, ''मैं अपने दफ्तर के समय के बाद दोस्तों के साथ नदी के किनारे आया था जब हमने पुल के टूटने की आवाज सुनी। हम वहां पहुंचे और लोगों को बचाने के लिए पानी में कूद गए।'' उन्होंने कहा, "हमने कुछ बच्चों और महिलाओं को बचाया।"

मोरबी पुल का ढहना सबसे भयानक हादसों में से एक
मोरबी पुल का ढहना हाल के दशकों में भारत में इस तरह की सबसे घातक और भयानक हादसों में से एक है। आखिरी बार 2016 में ऐसा हुआ था, जब एक फ्लाईओवर सड़क पर गिर गया था, जिसमें कम से कम 26 लोगों की जान चली गई थी। अक्टूबर, 2011 में, दार्जिलिंग से लगभग 30 किलोमीटर दूर त्योहारों की भीड़ से भरा एक पुल गिरने से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अरुणाचल प्रदेश में एक नदी पर एक फुटब्रिज गिरने से लगभग हाल ही में 30 लोग मारे गए हैं।












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