Monsoon update: आज भी असम और मेघालय में भारी बारिश की आशंका, अलर्ट जारी
बेंगलुरु। मौसम विभाग के मुताबिक आज भी असम और मेघालय में भारी बारिश के आसार हैं और इसलिए उसने वहां अलर्ट जारी किया है, विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटे काफी भारी हो सकते हैं। वैसे पिछले दो दिनों से लगातार मिजोरम में बारिश हो रही है, जिससे कि बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है, यही हाल मणिपुर का भी है, इन जगहों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से कई जगह खेत भी पानी में डूब चुके हैं।

भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में राज्य के लुंगलेई जिले में फंसे 150 परिवारों को अब तक सुरक्षित निकाला गया है। बारिश के कारण त्रिपुरा में 3500 परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। असम के 222 गांव बाढ़ से घिर गए हैं।
मानसून पड़ा सुस्त, इन राज्यों को करना होगा इंतजार
आपको बता दें कि विभाग ने जानकारी दी है कि तय समय से पहले देश में एंट्री करने वाला मानसून अब कमजोर पड़ गया है, जिसकी वजह से अब ये देश के कुछ राज्यों में देरी से पहुंच सकता है। मानसून फिलहाल मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और आसाम से गुजर रहा है लेकिन महाराष्ट्र के कई हिस्सों में जोरदार बारिश करने के बाद अब मानसून कमजोर पड़ चुका है। इसके कारण से मानसून की रफ्तार धीमी होने लगी है, ऐसे में उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के जल्द सक्रिय होने की उम्मीदें कम हो गई है।

विभाग ने कहा कि आज कर्नाटक के तटीय इलाकों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और असम में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण पश्चिम मानसून इस वक्त मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी ,गांगेय पश्चिम बंगाल ,असम और मेघालय के कुछ और हिस्सों में पहुंचा है, जिसकी वजह से यहां भारी बारिश के आसार है।
इन जगहों पर हो सकती है भारी बारिश
शुक्रवार के मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिणपश्चिमी मानसून अगले 24 घंटे में केरल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, दक्षिण कोंकण और गोवा, छत्तीसगढ़ और तटीय कर्नाटक के अलग अलग हिस्सों में बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र , सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है।

आप सैटेलाइट इमेज के जरिए बादलों की यथास्थिति का पता लगा सकते हैं, ये तस्वीरें भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी की गई हैं। मानसून को केरल से दिल्ली पहुंचने में करीब-करीब एक महीने का वक्त लगता है। लेकिन हमेशा यह देखा गया है कि इस सफर में यह कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाता है। ऐसा मानसून को गति देने वाले दबाव क्षेत्र के नहीं बनने की वजह से होता है। मानसून में हुए इस विलंब का असर झारखंड, बिहार के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में पड़ेगा।












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