राहुल गांधी ने बुलाई विपक्षी नेताओं की बैठक, मॉक पार्लियामेंट पर हो सकता है फैसला
नई दिल्ली, 2 अगस्त: संसद के मौजूदा सत्र में पेगासस जासूसी मुद्दे पर दोनों सदनों की कार्यवाही ठप है। पेगासस पर सरकार की ओर से बहस के लिए तैयार ना होने के बाद मंगलवार को एक बार फिर विपक्षी दल बैठक करेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ये बैठक बुलाई है। इस बैठक में विपक्ष के 14 से ज्यादा दल शामिल होंगे। कांस्टीट्यूशन क्लब में सुबह 9 बजे ये बैठक होगी।
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे विपक्षी नेताओं को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में नाश्ते पर बुलाया है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार के पेगासस पर बहस के लिए राजी ना होने के चलते विपक्षी दल मॉक पार्लियामेंट के बारे में फैसला ले सकती हैं। मॉक पार्लियामेंट सदन के बाहर आयोजित की जाती है।
संसद का मानसनू सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ था लेकिन पेगासस के मुद्दे पर विपक्ष की जांच की मांग और सरकार के इस पर राजी ना होने की वजह से संसद में बहुत कम बहस हुई है। सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध के चलते दोनों सदनों, राज्यसभा और लोकसभा में लगातार कार्यवाही टल रही है। बीते हफ्ते भी इसको लेकर विपक्ष के 14 दलों ने बैठक की थी, अब एक बार फिर विपक्षी दल मिलने जा रहे हैं।
सरकार पर हमलावर है विपक्ष
बीते हफ्ते बैठक के बाद 14 विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की थी। इसमें विपक्ष की ओर से कहा गया है कि सरकार के अडियल रवैये के चलते संसद की कार्यवाही ठप है। राहुल गांधी ने कहा सरकार को घेरते हुए कहा था, हम सिर्फ ये जानने चाहते हैं कि क्या सरकार ने पेगासस खरीदा था या नहीं, लेकिन सरकार जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का पेगासस से जासूसी करना देशद्रोह के जैसा है। हमारी आवाज को संसद में दबाया जा रहा है। हमारा एक सवाल है कि क्या केंद्र सरकार ने पेगासस को खरीदा था कि नहीं? क्या केंद्र सरकार ने उसका इस्तेमाल अपने देश के लोगों के खिलाफ किया था कि नहीं? हम यह जानना चाहते हैं लेकिन हमें सरकार की ओर से साफ-साफ कह दिया गया है कि पेगासस पर सदन में कोई चर्चा नहीं होगी। हम साफ करना चाहते हैं कि पेगासस पर चर्चा होने से पहले हम कहीं नहीं जाएंगे।
राहुल ने कहा कि इस हथियार (पेगासस) को आतंकवादियों के खिलाफ, देशद्रोहियों के खिलाफ प्रयोग किया जाना चाहिए। हम नरेंद्र मोदी से सवाल पूछना चाहते हैं कि इस हथियार का इस्तेमाल लोकतंत्र और देश की संस्थाओं के खिलाफ क्यों किया गया? राहुल ने कहा कि हम पेगासस पर चर्चा चाहते हैं। सरकार पेगासस पर चर्चा करने से मना कर रही है। स्पष्ट तौर पर सरकार ने कुछ ऐसा किया है जो देश के लिए खतरनाक है। वरना वे कहते कि आइए और चर्चा कीजिए।












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