संसद के मानसून सत्र के धुलने के आसार, धूल चाटते खास बिल
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) लोकसभा के मानसून सत्र का पहला हफ्ता पूरी तरह से धुल गया। कोई कामकाज नहीं हुआ। विपक्ष सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा मांगता रहा।
जिस तरह की कटुता सदन में दिखी उससे साफ है कि कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी रहेगी। नतीजा ये होगा कि सदन ठप रहेगा। अहम बिल धूल चाटते रहेंगे। जिनमें भूमि अधिग्रहण बिल खास है। अब सदन आगामी सोमवार को फिर मिलेगा। लोकसभा में 21 जुलाई से कोई विधायी कामकाज नहीं हुआ। सदन हंगामे तथा अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।
कामकाज की उम्मीद
अब इस बात की उम्मीद कम है कि जब फिर से सदन सोमवार को मिलेगा तो तब वहां पर कामकाज हो सकेगा। क्योंकि विपक्ष तो अपनी मांग पर अड़ा है। इससे पहले संसद के मानसून सत्र का श्रीगणेश मंगलवार को जिस रूप में हुआ है उससे साफ है कि इस बार के संसद सत्र में हंगामे, विवाद, बॉयकाट जैसे हालात बने रहेंगे।
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कांग्रेस आमादा
बेशक, कांग्रेस ने ठान सा लिया है कि वे संसद का काम नहीं होने देंगे। कांग्रेस राज्यसभा में ललित मोदी के मसले को उठाने पर आमादा है। इसके जवाब में भाजपा नेता अरुण जेटली को कहना पड़ा कि कांग्रेस सदन को चलने देने के लिए तैयार ही नहीं है।













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