वेंकैया नायडू के फंक्शन में एक साथ बैठे नजर आए भागवत और मुलायम, बोली कांग्रेस- 'स का मतलब संघवाद'
नई दिल्ली, 21 दिसंबर। कहते हैं कि सियासत में ना कोई दोस्त ना दुश्मन, ऐसे बहुत सारे उदाहरण हमारे सामने हैं, जिसमें कई नेतागण सियासी मंच से तो एक-दूसरे की इज्जत की धज्जियां उड़ा देते हैं लेकिन सियासी कार्यक्रमों से दूर जब वो आपस में मिलते हैं तो ऐसा लगता है कि दो दोस्त मिल रहे हैं और शायद इसी का नाम राजनीति है। कुछ ऐसा ही नजारा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती के रिसेप्शन समारोह में दिखा, जहां सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एक ही सोफे पर एक साथ बैठे दिखाई पड़े।

नायडू के फंक्शन में एक साथ बैठे नजर आए भागवत- मुलायम
दोनों साथ में मुस्कुराते हुए नजर आए तो दो अलग-अलग विचारधाराओं के व्यक्तियों की मुलाकात आम लोगों से लेकर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई लेकिन कांग्रेस को ये मुलाकात रास नहीं आई और उसने इस सामान्य सी मुलाकात पर तंज कसते हुए ऐसा Tweet किया जिसने सर्दी के इस मौसम में सियासी पारे को एकदम से बढ़ा दिया है।

"नई सपा" में 'स' का मतलब 'संघवाद' है?''
यूपी कांग्रेस ने ट्वीट किया है-"नई सपा" में 'स' का मतलब 'संघवाद' है?, पार्टी ने सपा के नए नारे को इस फोटो से जोड़ दिया है, जिसके बाद से एक नई बहस छिड़ गई है। आपको बता दें कि भागवत-मुलायम की तस्वीर को केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने ट्वीट किया था, जिसमें वो संघ प्रमुख से आशीर्वाद ले रहे हैं।

निहारिका वेंकैया नायडू के बेटे हर्ष वर्धन की बेटी हैं
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती के रिस्पेशन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना समेेत राजनीति के कई दिग्गज शामिल हुए और उन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मालूम हो कि निहारिका का विवाह हाल ही में रवितेजा के साथ संपन्न हुआ है। ये रिसेप्शन पार्टी नायडू और उनकी पत्नी ऊषा नायडू की ओर दी गई थी, निहारिका वेंकैया नायडू के बेटे हर्षवर्धन की बेटी हैं।

सपा और भाजपा में जुबानी जंग जारी
आपको बता दें कि यूपी चुनाव के मुद्देनजर बीजेपी-सपा के बीच जमकर इस वक्त जुबानी जंग जारी है। जहां अखिलेश यादव संघ और भाजपा पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं और उनकी पूरी कोशिश मुस्लिम वोटों को अपनी ओर करने की है तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी सपा पर वार करने से पीछे नहीं हटती है, ऐसे में कांग्रेस ने संघ प्रमुख और मुलायम की मुलाकात को सियासी रंग देकर वोटरों का ध्यान खींचने की कोशिश की है, देखते हैं कि सपा और भाजपा इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?












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