नोएडा अंधविश्वास: अखिलेश यादव ने कसा तंज, मोदी, योगी को दोबारा सत्ता नहीं मिलेगी
ईवीएम के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश न कहा कि हमारी कोशिश है कि इस मुद्दे पर सबका सहयोग मिले
नई दिल्ली। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा जाने पर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री के नोएडा आने का असर अभी दिखना बाकी है। सीएम योगी और प्रधानमंत्री मोदी का नोएडा दौरा लोकसभा चुनाव में असर दिखाएगा जो कि समाजवादी पार्टी के लिए अच्छा होगा। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि नोएडा का ही असर है कि सीएम योगी को मेट्रो को हरी झंडी दिखाने का भी मौका नहीं मिला था। नोएडा में प्रधानमंत्री मोदी ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया था।

नोटबंदी को लेकर भी अखिलेश ने तंज कसा
लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए नोटबंदी को लेकर भी अखिलेश ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म हुआ या नहीं? मुझे लगता है कि एक बार और नोटबंदी हो जाए तो शायद भ्रष्टाचार खत्म हो जाए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने विधानसभा के बाहर किसानों द्वारा आलू फेंके जाने पर कहा कि योगी सरकार किसानों को आलू खरीद का उचित पैसा नहीं दे रही है।

फिर ईवीएम पर मजबूती से बात रखी जाए
ईवीएम के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश न कहा कि हमारी कोशिश है कि इस मुद्दे पर सबका सहयोग मिले। फिर ईवीएम पर मजबूती से बात रखी जाए। अखिलेश ने कहा कि सभी दल के लोगों को हमने बुलाया था और कहा था कि एक मौका हो ईवीएम से चुनाव ना कराकर बैलेट से चुनाव कराया जाए। जो अविश्वास है वो साफ हो। पेट्रोल पंप पर टेम्परिंग हो जाए तो ईवीएम क्या है। हम चाहते हैं उपचुनाव में बैलेट से चुनाव किया जाए।

पीएम मोदी ने सीएम योगी को दी थी बधाई
दिल्ली मेट्रो की 12 किमी लंबी मैजेंटा लाइन का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं कि उन्होंने बिना बोले यहां आकर इस मिथक को तोड़ने का काम किया है। इनके कपड़ों को देखकर यह भ्रम फैलाया जाता है कि वे आधुनिक विचारों के नहीं हैं, पुरानपंथी हैं, पुरानी मान्यताओं को मानने वाले हैं। लेकिन उन्होंने इस मान्यता को तोड़ा कि अगर कोई मुख्यमंत्री यहां आए तो वह सरकार में नहीं रह सकता। मोदी ने कहा कि कहीं जाने से कुर्सी ना चली जाए अगर मुख्यमंत्री इस डर से जीते हैं तो ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री बनने का कोई हक नहीं है। श्रद्धा का अपना स्थान होता है पर अंधश्रद्धा के लिए कोई स्थान नहीं है। मान्यताओं में कैद होकर कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता।












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