केंद्रीय मंत्री के विवादित बोल, लोगों को गोरे आदमी के सामने नंगा होने में कोई दिक्कत नहीं, लेकिन आधार के लिए जानकारी देने में है
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने आधार और गोपनीयता के अधिकार की तुलना करते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसकी वजह से विवाद में घिर गए हैं। अल्फोंस ने आधार के लिए लोगों द्वारा ली जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी पर सरकार पर हमला बोलने वालों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि लोगों तभी दिक्कत होती है जब सरकार उनसे उनकी जानकारी मांगती है। यह जानकारी लोगों से सरकार की तमाम योजनाओं से जुड़े लाभ को सीधे उनतक पहुंचाने के लिए ली जाती है।

अल्फोंस ने कहा कि मैंने 10 पन्नों का आवेदन अमेरिका के वीजा के लिए किया है, हमे इससे कोई दिक्कत नहीं होती है। वीजा के लिए हमे फिंगर प्रिंट देने और अंग्रेज के सामने नंगा होने में दिक्कत नहीं होती है। लेकिन जब सरकार आपसे आपका पता पूछती है, आपका नाम पूछती है तो इसके खिलाफ आंदोलन होने लगता है और लोग इसे व्यक्तिगत गोपनीयता में सेंधमारी कहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो आधार को लेकर सरकार पर निशाना साधते हैं।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक्टविस्ट ने आधार के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसके चलते आधार को अनिवार्य करने के फैसले को रोक दिया गया है। तमाम सरकारी स्कीम के तहत लोगों को मिलने वाली योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कोर्ट ने अभी रोक लगा दी है।
इससे पहले जेडडीनेट वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सरकारी मशीनरी से लोगों के आधार की जानकारी को लीक किया जा रहा है, लोगों की तमाम जानकारियां लीक हो रही है।
पिछले एक वर्ष के भीतर यूआईडीएआई ने 12 करोड़ लोगों का बायोमीट्रिक जानकारी हासिल की है, जिसपर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या लोगों की जानकारी सुरक्षित है या नहीं। पिछले हफ्ते यूआईडीएआई के मुखिया अजय भूषण पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि आधार डेटा को 2048 बिट इंक्रिप्टेड की से सुरक्षित किया गया है, जोकि सुपर कंप्यूटर से भी बेहतर है।
इसे भी पढ़ें- पी. चिदंबरम ने किया ट्वीट, कॉफी और चाय के दाम को बताया डरावना












Click it and Unblock the Notifications