'महिला आरक्षण बिल लागू नहीं करेगी मोदी सरकार ': नीतीश कुमार को क्यों लगता है ऐसा?
लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' बिल पर चर्चा के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दावा किया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार यह विधेयक लेकर तो आई है, लेकिन इसे लागू नहीं करेगी। वहीं सरकार की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि कुछ दलों के लिए यह राजनीतिक मुद्दा है, लेकिन हमारे लिए नहीं। उन्होंने सभी दलों से इस बिल को समर्थन देने की अपील की है।
जेडीयू सुप्रीमो का आरोप है कि केंद्र सरकार सिर्फ चुनावों में राजनीतिक फायदे के लिए यह विधेयक लेकर आई है। उन्होंने बुधवार को पटना में कहा, 'वे बिल को लागू नहीं करेंगे, अगर वे ऐसा करना चाहते तो वे ऐसा पहले ही कर लिए होते।'

वे इसे लागू नहीं करेंगे- नीतीश कुमार
बिहार के सीएम ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 'महिला आरक्षण जरूरी है और हम तो शुरू से इसकी मांग कर रहे हैं.....वे इसे लागू नहीं करेंगे। हमने उनसे कहा था कि एक जाति-आधारित जनगणना करें, हमने इसकी मांग की थी....।'
जेडीयू ने बिल को बताया 2024 के लिए चुनावी जुमला
एक तरफ नीतीश पटना में ऐसे दावे कर रहे थे, दूसरी तरफ दिल्ली में लोकसभा में उनकी पार्टी के सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह भी कह रहे थे कि सरकार की मंशा महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने का नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक के गठन के चलते पैनिक रियेक्शन है। उन्होंने मोदी सरकार की ओर से लाए गए बिल के समर्थन की बात तो की, लेकिन उसे 2024 के चुनावों के लिए चुनावी जुमला भी बता दिया।
विपक्षी गठबंधन इंडिया से घबराकर बिल लाई सरकार-जेडीयू
उन्होंने कहा कि अगर 2021 में जातिगत जनगणना शुरू करवा दिया गया होता ये पूरा भी हो जाता और महिला आरक्षण भी लागू हो जाता। उनके मुताबिक सरकार के पास तो आंकड़े 2019 से थे तो अब क्यों यह बिल ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना, बेंगलुरू और मुंबई में विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठकों से घबरा कर केंद्र सरकार यह विधेयक लेकर आई है।
महिला सशक्तिकरण बीजेपी की कार्य संस्कृति- गृहमंत्री अमित शाह
उधर लोकसभा में कुछ विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उनके लिए महिला आरक्षण राजनीतिक का मुद्दा हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह राजनीतिक नहीं मान्यता का सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का मसला बीजेपी का कार्य सिद्धांत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल से लेकर 2014 से केंद्र में कार्यकाल के दौरान हुए नारी सशक्तिकरण के कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण बीजेपी की कार्य संस्कृति रही है।
अमित शाह ने बिना नाम लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के परिवार पर तंज किया कि 'जिनकी जड़ें भारत में हैं, वे महिलाओं को कम करके नहीं आंक सकते।' सरकार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बिल लेकर आई है, इसलिए सभी दल इसका समर्थन करें।












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