मोदी सरकार में कितने लोगों को मिली हुई है HiFi सुरक्षा, चौंका देंगे आंकड़े
मोदी सरकार तमाम वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा को कर सकती है खत्म, बड़े-बड़े नाम हैं लिस्ट में, नेताओं के बच्चों को भी दी गई है सुरक्षा, कुल 475 लोगों की दी गई है सुरक्षा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से ही वीआईपी कल्चर के खिलाफ बयान देते रहे हैं, उन्होंने नेताओं अधिकारियों के लाल और नीली बत्ती इस्तेमाल करने पर रोक लगाई, लेकिन विशेष सुरक्षा मुहैया कराने के मामले में मोदी सरकार कांग्रेस की मनमोहन सरकार से कहीं आगे निकल गई है। मौजूदा सरकार में स्पेशल सुरक्षा जिसे वीआईपी स्टेटस भी कह सकते हैं, 475 लोगों को मुहैया कराई गई है। वहीं पिछली सरकार ने कुल 350 लोगों को यह खास वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराई थी। लेकिन आखिरकार मोदी सरकार इन तमाम लोगों को दी गई इस खास सुरक्षा को अब खत्म करने की योजना बना रही है।
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लालू, रमन सिंह, अखिलेश यादव की सुरक्षा खतरे में
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कुछ राजनेताओं को एनएसजी सुरक्षा मुहैया कराई गई है, लेकिन उनमे से कई लोगों की एनएसजी सुरक्षा अब जल्द जा सकती है। लालू प्रसाद यादव को ना सिर्फ एनएसजी बल्कि सीआरपीएफ की सुरक्षा मुहैया कराई गई है, बावजूद इसके कि वह ना कोई मंत्री हैं और ना ही सांसद। यही नहीं बहुत ही कम लालू अब बिहार के बाहर जाते हैं, लिहाजा उनकी सुरक्षा को कम किया जा सकता है। इसके अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, छत्तीसगढ़ के रमन सिंह, डीएमके नेता एम करुणानिधि की भी सुरक्षा को हटाया जाएगा। इन तमाम नेताओं को जेड प्लस सेक्युरिटी मिली है, कुल 50 नेताओं को यह सुरक्षा प्रदान की गई है जिसमें 35-40 जवान सुरक्षा में हमेशा तैनात रहते हैं। जबकि पिछली सरकार में कुल 26 नेताओं को यह सुरक्षा प्रदान की गई थी।

सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी की भी खबर
गृह विभाग के सूत्र का कहना है कि नेताओं की सुरक्षा को कम करना हमेशा से ही मुश्किल भरा रहा है, इसको लेकर काफी राजनीतिक दबाव रहता है। यही नहीं कई वीआईपी के खिलाफ यह भी शिकायत आई है कि वह सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता भी करते हैं। केंद्र और राज्य सरकार तमाम लोगों को सुरक्षा मुहैया कराती है और समय के साथ इसकी समीक्षा भी करती है, यह सुरक्षा एक्स से लेकर जेड कैटेगरी की हो ती है। जेड कैटेगरी में कुल 30 जवान तैनात होते हैं, जबकि वाई कैटेगरी में 11 जवान होते हैं।

रामदेव और साक्षी महाराज की सुरक्षा में जवान
योग गुरु रामदेव की सुरक्षा में ती पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री के जवान तैनात रहते हैं। वहां आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। महंत नृत्य गोपाल दास को जोकि राम जन्मभूमि तीर्थ बोर्ड के अध्यक्ष हैं उन्हें वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। यही नहीं हमेशा विवादों में रहने वाले साक्षी महाराज को भी वाई कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

यूपी में सबसे अधिक वीआईपी
यही नहीं कई नेताओं के बच्चों को भी एनएसजी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह जोकि पहली बार विधायक बने हैं उन्हें भी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। कुल 15 नेताओं के बच्चों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उत्त प्रदेश में सबसे अधिक वीआईपी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है, जिसमें योगी आदित्यनाथ, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, मायावती शामिल हैं। एनएसजी के अधिकारी का कहना है कि 15 नेताओं की सुरक्षा में ब्लैक कैट कमांडों तैनात रहते हैं, जिसमें असम के मुख्यमंत्री सर्बदानंद सोनवाल भी शामिल हैं।

मुकेश अंबानी और नीता अंबानी को भी दी गई है सुरक्षा
75 वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है, जिसमें अमित शाह, नितिन गडकरी, भी शामिल हैं। जबकि सीआईएसएफ भी 75 लोगों की सुरक्षा में तैनात की गई है, जिसमें एनएसए अजीत डोवाल, किरन रिजिजू शामिल हैं। आईटीबीपी को भी 18 लोगों की सुरक्षा में लगाया गया है, जिसमें जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला शामिल हैं। इसके अलावा मुकेश अंबानी को भी जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है, उनकी पत्नी को वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
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