एनजीओ पर मोदी सरकार का चाबुक, ग्रीनपीस का लाइसेंस रद्द, बैंक खाते सीज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज ग्रीनपीस एनजीओ के लाइसेंस को रद्द करते हुए इसके भारत में सभी बैंक खातों को सील कर दिया है। यह फैसला गृह मंत्रालय की ओर से लिया गया है।

ग्रीनपीस एनजीओ पर देश के आर्थिक और सामाजिक हितों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप है। एनजीओ पर विदेशी चंदा एक्ट के उल्लंघना का भी आरोप है।
गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर ग्रीनपीस एनजीओ को प्रतिबंधित करने की जानकारी साझा की गया है। साथ ही इसमें कहा गया है कि ग्रीनपीस को एफसीआरए एक्ट, 2010 के तहत विदेश से आने वाली आर्थिक मदद के सही आंकड़े छुपाने और विकास के खिलाफ अभियान चलाने का दोषी पाया गया है।
ग्रीन पीस पर यह पाबंदी अगले 6 महीनों के लिए लगायी गयी है। ग्रीनपीस को विदेशों से चंदा हासिल होता था, सरकार ने एनजीओ से पूछा है कि क्यों नहीं आपका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाए।
साथ ही सरकार यह भी साफ कर दिया है कि अगर ग्रीनपीस सवालों का जवाब देने में विफल रहती है तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा। एनजीओं के नियमों को सख्त करने के बाद सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि तकरीबन 200 एनजीओ जिन्हें विदेशों से चंदा प्राप्त होता है वो मनी लांड्रिंग में लिप्त हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की आर्थिक विंग ने भारत सरकार को 188 ऐसे विदेशी लोगों की सूचि जारी की है जो भारत में एनजीओ को चंदा देती हैं। साथ ही खुफिया एजेंसियों ने इन चंदा देने वाले लोगों पर पैनी नजर रखने की भी बात कही है।












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