2019 से पहले 2014 के चुनावी वायदे पूरा करने में जुटी मोदी सरकार, बजट में दिखी झलक
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अपना आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश कर दिया है, लेकिन इस बजट के साथ ही मोदी सरकार के पास यह आखिरी मौका है जब वह 2014 में किए गए तमाम चुनावी वायदों को अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पूरा कर सके। 2014 में भाजपा ने लोगों से यह चुनावी वायदा किया था कि वह दिव्यांगों के परिवारों को हायर टैक्स रीलीफ देगी। पिछले महीने केंद्र सरकार ने तमाम विभागों को निर्देश दिया था कि वह 2014 मे भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र को देखे और उन तमाम वायदों की एक लिस्ट तैयार करे जिन्हे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस निर्देश के बाद सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण मंत्रालय ने सरकार से कहा है कि वह उन परिवारों को हायर टैक्स रीलीफ दे जो दिव्यागों की देखभाल कर रहे हैं।

तमाम विभागों से मांगी थी लिस्ट
मंत्रालय के लोगों को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री आम बजट के दौरान इसका ऐलान कर सकते हैं। मंत्रालय के एक सूत्र का कहना है कि हमने सरकार से ऐसा करने को कहा था, इस बाबत वित्त मंत्री को एक मेल भी भेजा था कि उच्च करों में राहत दी जाए, क्योंकि खुद सरकार ने हमसे ऐसा करने को कहा था, लिहाजा हमे उम्मीद थी कि वित्त मंत्री इसका ऐलान कर सकते हैं। अपने सामाजिक सुरक्षा के सेक्शन में वायदा किया था कि वह उन परिवारों को उच्च करो में राहत देगी जो परिवार दिव्यांगों की देखभाल करते हैं। मौजूदा समय में सरकार ने धारा 80डी के तहत आयकर में राहत दी है, यह राहत तमाम लोगों के साथ संगठित हिंदू परिवारों को भी दी गई है।

125000 रुपए तक की छूट
व्यक्तिगत तौर पर लोगों को कर में छूट के साथ जो लोग उनपर निर्भर है जिनमे बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन आदि भी हैं शामिल हैं, उन्हे भी छूट दी जाएगी, इसके लिए शर्त यह है कि ये सदस्य संयुक्त परिवार के सदस्य होने चाहिए। सरकार के इस ऐलान के बाद व्यक्तिगत तौर पर निर्भर लोगों मेडिकल ट्रीटमेंट, ट्रेनिंग और रखरखाव पर आयकर में 75000 रुपए की छूट दी जाएगी, इसके लिए व्यक्ति को 40 फीसदी से ज्यादा और 80 फसदी से कम दिव्यांग होना चाहिए। वहीं जो लोग 80 फीसदी से अधिक दिव्यांग हैं उन्हें 125000 रुपए की छूट दी जाएगी।

धारा 80 डी के तहत छूट
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सेक्शन 80डी के तहत कर में कटौती की लिमिट को बढ़ा दिया है। इन्कम टैक्स एक्ट 1961 के तहत सेक्शन 80डी में वरिष्ठ नागरिकों को अब 30000 रुपए की बजाए 50000 रुपए की छूट मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य बीमा के तहत सेक्शन 80डी के तहत लोगों से प्रीमियम लिया जाता था। यह लाभ व्यक्तिगत तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता था, जिसका प्रीमियम खुद वरिष्ठ नागरिक भरते थे। इस योजना की खास बात यह है कि इसमे वरिष्ठ नागरिक किसी पर आश्रित हों या नहीं हो इसका फर्क नहीं पड़ता है और उन्हें आर्थिक मदद इस बीमा योजना के तहत दी जाती है।
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