अब आएगा डिफेंस सेक्टर में तगड़ा निवेश, मोदी सरकार एक्टिव हुई
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)केन्द्र में मोदी सरकार के आते ही रक्षा क्षेत्र से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन निवेश के प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। जानकारों ने बताया कि बीते कई सालों से यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े थे। ध्यान रहे कि भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियारों का आयातकों में से एक हैं।

सूत्रों ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी ऐंड प्रमोशन (डीआईपीपी) की लाइसेंसिंग कमिटी ने पिछले हफ्ते इंडस्ट्रियल लाइसेंस देने से जुड़े 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
रिलायंस एरोस्पेस टेक्नॉलजीज, भारत फोर्ज, महिंद्रा टेलिफोनिक इंटरग्रेटेड सिस्टम्स, पुंज लॉयड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महिंद्रा एरो स्ट्रक्चर और टाटा अडवांस्ड मटीरियल्स के डिफेंस प्रॉडक्शन से जुड़े एप्लिकेशंस को मंजूर किया गया है।
लाइसेंस की जरूरत नहीं
यही नहीं, इसके अलावा, कई कंपनियों को सूचित किया गया है कि उन्हें लाइसेंस की जरूरत नहीं है, क्योंकि बड़ी संख्या में डिफेंस उपकरणों को लाइसेंस से मुक्त कर दिया गया है।
सरकार ने इस साल जून में इस बाबत फैसला लिया था।केन्द्र में भाजपा सरकार की ओर से नीति में किए बदलाव के चलते उक्त प्रस्ताव पारित हुए। इसके तहत एक से ज्यादा भारतीय कंपनी को संयुक्त रूप से 51 फीसदी हिस्सेदारी रखने की इजाजत दी।
इससे पहले किसी अकेली भारतीय कंपनी के लिए फर्म पर मालिकाना हक रखना जरूरी था। जानकारों का कहना है कि भाजपा सरकार के उक्त फैसले से डिफेंस सेक्टर में विदेशी निवेशी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।












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