सोशल मीडिया पर फिर घमासान, क्या PMO ने पोस्ट की गलत तस्वीर?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार एक बार फिर ट्विटर कंट्रोवर्सी में फंस गई है। मामला स्वतंत्रता दिवस पर पीएमओ इंडिया (@PMOIndia) के हैंडल से ट्वीट की गई फोटो से जुड़ा है, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। तस्वीर में गांव के लोगों को टीवी पर पीएम का भाषण देखते हुए दिखाया गया था।

दरअसल, पीएमओ ने राजधानी दिल्ली के पास बसे एक गांव नगला फटेला की एक तस्वीर ट्वीट की थी, जिसके बारे में प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि उनकी सरकार ने उस गांव में बिजली पहुंचाई है। हालांकि गांव के लोगों का कहना कि तस्वीरें उनके यहां की नहीं हैं और न ही गांव बिजली की सप्लाई हो रही है। बाद में यह ट्वीट पीएमओ के अकाउंट से डिलीट कर दिया गया।
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पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
ऐसा पहली बार नहीं है जब सरकार को सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को लेकर आरोप झेलने पड़े हों। इसके पहले बीते साल दिसंबर में भी पीआईबी इंडिया (@PIB_India) के ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी को चेन्नई बाढ़ का एरियल सर्वे करते दिखाया गया था। तस्वीर की वास्तविकता पर सवाल उठे तो बाद में सरकार को वह तस्वीर हटानी पड़ी और जवाब भी देना पड़ा।
सोशल मीडिया पर भी सवाल
केंद्र सरकार की ओर से ट्वीट करने और बाद में उन्हें डिलीट किए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि क्या बिना किसी तरह की सफाई या जवाब दिए ट्वीट डिलीट कर देना सही है।
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बता दें कि सरकार से जुड़े रिकॉर्ड को आर्काइव में रखने का नियम है। पीएमओ के ट्वीट भी आईटी एक्ट और आरटीआई एक्ट के अंदर आते हैं।












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