दिल्ली वाले मॉक ड्रिल को लेकर हो जाएं तैयार! ब्लैकआउट, हवाई हमले के सायरन, कल क्या-क्या होने वाला है? हर अपडेट
Mock Drill in Delhi: भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने फैसला लिया है। दिल्ली समेत पूरे भारत में 259 स्थानों पर मॉक ड्रिल 07 मई को आयोजित की जाएगी। दिल्ली में बड़े पैमाने पर नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली में मॉक ड्रील को लेकर क्या-क्या तैयारी की जा रही है...इससे पहले ये जान लेना जरूरी है कि आखिर मॉक ड्रील क्या होता है?
What Is A Mock Drill? मॉक ड्रिल, एक तरह का अभ्यास होता है, जिसमें ये देखा जाता है कि किसी आपाकालीन स्थिति में लोगों की प्रतिक्रिया कैसी होती है। इसमें कुछ चुनिंदा लोगों और वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग दी जाती है और उन्हें बताया जाता है कि अगर देश में युद्ध, हमला या आपाकालीन स्थिति हो तो उसमें कैसे खुद का बचाव करें और जो अपने आप को नहीं बचा पा रहे हैं...उनकी कैसे मदद करें।

मॉक ड्रिल के अभ्यास में लोगों को आग, भूकंप, चिकित्सा संकट या सुरक्षा खतरों जैसी वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार होने में मदद करते हैं। मॉक ड्रिल में आपको ठीक वैसे ही रिएक्ट करना होता है...जैसे कोई वास्तविक आपात स्थिति हो रही हो। आमतौर पर किसी हमले, हादसे या आगजनी जैसी स्थिति में आपकी तैयारी कैसी है...यह जानने के लिए मॉक ड्रिल की जाती है।
मॉक ड्रिल में कई तरह के अभ्यास कराए जाते हैं, जिसमें हवाई हमले की चेतावनी के लिए सायरन बजाए जाते हैं, घरों या संस्थानों की सभी लाइट पूरी तरह बंद रखने को कहा जाता है और फिर देखा जाता है कि लोग अपना बचाव कैसे करते हैं।
मॉक ड्रिल में डिस्ट्रिक्ट कंट्रोलर, जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी, सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स, होम गार्ड से लेकर एनसीसी, स्काउट-गाइड के वॉलंटियर्स की भागीदारी होती है।
Mock Drill exercise in Delhi: दिल्ली में मॉक ड्रिल को लेकर क्या है तैयारी?
🔵 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज 06 मई को कहा है कि मॉक ड्रिल कराने के निर्देश का पूरी तरह पालन किया जाएगा। दिल्ली मॉक ड्रिल के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्र सरकार के दिशानिर्देश पर काम हो रहा है।
🔵 रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस को सरकारी इमारतों, अधिक भीड़-भाड़ वाले बाजारों, परिवहन केंद्रों, पर्यटन स्थलों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों सहित प्रमुख स्थानों पर अभ्यास करने का निर्देश दिया गया है।
🔵 दिल्ली पुलिस ने कॉनॉट प्लेस, इंडिया गेट, जनपथ, यशवंत पैलेस और गोल मार्केट जैसे प्रमुख स्थानों के साथ-साथ अन्य संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग ज्यादा होगी। हालांकि दिल्ली भर में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल अभ्यास के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा अभी तक कोई यातायात सलाह जारी नहीं की गई है।
🔵 दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी डीसीपी को तैयारियों के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने दिल्ली में पेट्रोलिंग बढ़ाने को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं।
🔵 दिल्ली में फिलहाल हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगे बॉर्डर पर अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। डीसीपी अपने जिलों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।
Mock Drill Experience: 7 मई को मॉक ड्रिल के दौरान आपको क्या-क्या करना पड़ सकता है?
🔴 नागरिकों को अस्थायी ब्लैकआउट, मोबाइल सिग्नल का कम होना या ट्रैफिक डायवर्जन का एक्सपीरियंस हो सकता है। अधिकारी निकासी अभ्यास भी कर सकते हैं या सार्वजनिक घोषणाएं कर सकते हैं।
🔴 कुछ क्षेत्रों में, पुलिस और अर्धसैनिक बल युद्ध जैसी आपात स्थिति का डेमो दे सकते हैं।
🔴 एयर रेड सायरन: सार्वजनिक अलर्ट सिस्टम को टेस्ट करने के लिए हवाई सायरन बजाए जाएंगे। ये आने वाले हवाई खतरों के मामले में चेतावनी देने का काम करता है, जिससे लोगों को कवर लेने यानी छिपने का समय मिल जाता है।
🔴 क्रैश ब्लैकआउट: युद्ध के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली ब्लैकआउट स्थितियों की नकल करने के लिए बिजली काटी जाती है। इससे रात के समय हवाई हमलों के दौरान पता लगने का जोखिम कम हो जाता है।
🔴 नागरिक प्रशिक्षण: स्कूल, कॉलेज और सामुदायिक केंद्र जागरूकता सत्र आयोजित करेंगे। इनमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने, बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा का उपयोग करना और आपात स्थिति के दौरान शांत रहना सिखाया जाता है।












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