आम बजट के बाद बढ़ सकती है मोबाइल फोन की कीमतें
मोबाइल फोन की कीमतों में हो सकती है बढ़ोंत्तरी, सरकार ने बजट में मोबाइल फोन के पार्टी पीसीबी पर लगाई 2 फीसदी की ड्यूटी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के आम बजट के बाद मोबाइल फोन के दामों में बढ़ोत्तरी हो सकती है, सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए मोबाइल फोन पर स्पेशल एडिशनल ड्यूटि लगाने का फैसला लिया है। मोबाइल में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटेड सर्किट पर दो फीसदी ड्यूटि लगाने का ऐलान किया है, जिसके बाद भारत आयात होने वाले फोन की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

भारत में 40-50 फीसदी फोन में लगता है PCB
भारत में तकरीबन 40-50 फीसदी फोन में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड का इस्तेमाल होता है, ऐसे में इसपर लगने वाली ड्यूटि इसकी कीमतों को बढ़ाने का काम करेगी। इंडॉयरेक्ट टैक्स सर्विस में सहयोगी बिपिन सापड़ा का कहना है कि हमे लगता है कि सरकार के इस फैसले के बाद फोन की कीमतों में एक फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है, लेकिन यह रातों-रात नहीं होने जा रहा है। एक फीसदी देखने में बहुत अधिक नहीं लगता है लेकिन जब आप फोन की संख्या के आधार पर इसका आंकलन करेंगे तो आपको इसका अंदाजा लगेगा कि यह हर कंपनी के लिए कितना महंगा साबित होने वाला है।
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लिया फैसला
सापड़ा ने कहा कि पीसीबी फोन के अलावा अन्य उपकरणों का अहम हिस्सा होता है, ऐसे में सरकार का यह फैसला फोन को भारत में बनाने को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, सरकार के ये फैसले मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती कदम हैं, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने में उत्पादों पर सिर्फ टैक्स लगाना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई अन्य फैसले ऐसे लिए हैं जो भारत में उत्पादों के पार्ट को बनाने में मदद करेंगे।
सरकार अपने इस फैसले से भारत में निर्माण करने पर लोगों को कर में छूट देने का काम कर रही है जिससे भारत में निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके। मौजूदा समय में उत्पादों के हिस्सों को भारत में सिर्फ एसेंबल करने काम किया जाता है लेकिन उनका वास्तविक निर्माण नहीं किया जाता है। लेकिन हमें भारत में ना सिर्फ पीसीबी निर्माण बल्कि डिस्प्ले, बैटरी, सेमी कंडक्टर सहित अन्य पार्ट्स को भी बनाने में बढ़ावा देना होगा।
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कंपनियां ग्राहकों को रख सकती है असर से बाहर
सरकार के इस फैसले से हर कोई सहमत नहीं है, मीडिया टेक इंडिया के कॉर्पोरेट सेल्स इंटरनेशनल के कंट्री हेड कुलदीप मलिक का कहना है कि सरकार के फैसले से सिर्फ मोबाइल के एक पार्ट पर असर पड़ेगा। भारतीय मोबाइल कंपनी इंटेक्स के एमडी नरेंद्र बंसल का कहना है कि बड़े मोबाइल ब्रांड इस ड्यूटी का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ने देगा, जिस तरह से मोबाइल फोन की कीमतों में कमी आई है उसे देखते हुए कंपनिया इस इस ड्यूटी को वहन कर सकती हैं।












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