जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा बंद, कर्फ्यू लगा

श्रीनगर। कश्मीर में एक बार फिर से कई इलाकों में इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है। अलगाववादियों की ओर से बंद के ऐलान के बाद सरकार ने यहां कुछ इलाकों में इंटरनेट की सुविधा को बंद करने का फैसला लिया है। सेना की फायरिंग में कश्मीर के शोपिया जिले में शनिवार की शाम दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अलगाववादियों ने बंद का ऐलान किया था, जिसके बाद कई हिस्सों ने इंटरने की सेवा को ठप कर दिया गया है। वहीं इस फायरिंग के बारे में सेना का कहना है कि फायरिंग पत्थरबाजी की वजह से आत्मरक्षा के लिए की गई थी, स्थानीय लोगों ने सेना के दल पर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में यह फायरिंग की गई थी। वहीं इस घटना के बाद पुलिस ने आर्मी यूनिट के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, उन्होंने इस घटना के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की है। वहीं रक्षा मंत्री ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

तमाम सेवाओं को ठप किया गया

तमाम सेवाओं को ठप किया गया

इस घटना के बाद प्रदेश की राजधानी श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, तमाम दुकानों को बंद करा दिया गया है, साथ ही परिवहन की सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है। बारामूला से बनिहाल के बीच ट्रेन सेवा को भी बंदद कर दिया गया है। वहीं पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम, शोपिया व दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया है और बाकी जगहों पर इंटरनेट की स्पीड को 128 केबीपीएस कर दिया गया है।

भीड़ ने किया था सेना की टुकड़ी पर हमला

भीड़ ने किया था सेना की टुकड़ी पर हमला

आपको बता दें कि सेना की फायरिंग में जावेद अहमद भट और सुहैल जावीद लोन की मौत हो गई थी, इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने भीड़ में सेना पर पत्थरबाजी की थी। रक्षामंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि सेना की टुकड़ी पर अनप्रोवोक्ट पत्थरबाजी की गई, 100 से 120 लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, महज कुछ ही देर में लोगों की संख्या 200-250 हो गई। भीड़ ने सेना की टुकड़ी को घेरना शुरू कर दिया और इन लोगों जवानों की गाड़ी में आग लगाने की भी कोशिश की।

विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्ष ने साधा निशाना

इस घटना की विपक्ष ने कड़ी निंदा की है, नेशनल कॉफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि काबुल में हिंसा निंदनीय है, उन्होंने कहा कि यह ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसके लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है, दो सिविलियन की मौत का मामला दुखद है। उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको उन लोगों को देखने की जरूरत है जो लोग आपका ट्विटर हैंडल मैनेज करते हैं, दरअसल महबूबा मुफ्ती ने अफगान में बम धमाके को लेकर ट्वीट किया था लेकिन कश्मीर में हुई इस हिंसा के बारे में कुछ नहीं कहा था।

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