एस जयशंकर ने बताया भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का मकसद? सेमीकॉनइंडिया कॉन्फ्रेंस 2023 में बोले विदेश मंत्री
India Semiconductor Project: भारत को सेमीकंडक्टर का पावरहाउस बनाने वाले मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की यह मिशन सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बारे में नहीं है। गुजरात के गांधीनगर में सेमीकॉनइंडिया कॉन्फ्रेंस 2023 को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने भारत के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर अपनी राय रखी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन ना सिर्फ अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के बारे में है, बल्कि इसका मकसद ग्लोबल तौर पर मांग पूरी करना है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रमुख ग्लोबल सेमीकंडक्टर कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि उनके निर्णयों और रिश्तों का असर तत्काल व्यापार से कहीं ज्यादा है और वे वैश्विक अर्थव्यवस्था को फिर से तैयार करने में योगदान दे सकते हैं।
पीएम मोदी की यात्रा किया जिक्र
इसी के साथ विदेश मंत्री ने जून 2023 में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा का जिक्र किया, जिसको लेकर उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत का फोकस सेमीकंडक्टर भी था।
कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री ने कहा, "राजनीतिक लोकतंत्र, बहुलवादी समाज और बाजार अर्थव्यवस्था के रूप में हम सभी को गोपनीयता और सुरक्षा दोनों की समझ में आने वाली चिंताएं हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हममें से जो एक-दूसरे के साथ काम करने में सहज हैं, वे अपना सहयोग बढ़ाएं।"
इसी के साथ एस जयशंकर ने अमेरिका और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और इनोवेशन पार्टनरशिप एमओयू के बारे में भी बताया, जिसे मार्च में अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना एम रायमोंडो की भारत यात्रा के दौरान मजबूत किया था।
12 से 14 महीनों में आएगी पहली चिप
इससे पहले सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन का संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि भारत इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक विश्वसनीय, लचीले भागीदार के रूप में उभरेगा। इसी के साथ उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अगले 12 से 14 महीनों में भारत में बनी पहली चिप बाजारों में आ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications