मिलिंद सोमण ने सोनम वांगचुक के वीडियो के बाद Made in China एप टिकटॉक से किया किनारा
मुंबई। सुपरमॉडल और एक्टर मिलिंद सोमण, इंजीनियर सोमन वांगचुक का वीडियो आने के बाद शायद पहले व्यक्ति होंगे जिन्होंने चीनी एप टिकटॉक से किनारा कर लिया है। मिलिंद ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल पर सोनम के वीडियो को रि-ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी है। वांगचुक का जो वीडियो सामने आया है उसमें उन्होंने कहा है कि अगर सेना, बॉर्डर पर गोली से चीन को जवाब दे सकती है तो भारत के नागरिक भी उनकी जेब में मौजूद ताकत से चीन को करारा जवाब देने की ताकत रखते हैं।

'अब मैं टिकटॉक यूजर नहीं'
मिलिंद ने ट्विटर पर लिखा, 'मैं अब टिकटॉक का यूजर नहीं हूं।' सोनम ने अपने वीडियो में भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वो टिकटॉक जैसी चीनी एप्स को डिलीट कर दें और चीन में बन हर सामान बायकॉट कर दें। मिलिंद ने अपने ट्वीट के साथ सोनम का वीडियो भी रि-ट्वीट किया है। सोनम ने अपना वीडियो यू-ट्यूब पर पोस्ट किया है औा इसका टाइटल है, 'चीन को जवाब सेना देगी बुलेट से, नागरिक देंगे वॉलेट से।' उनका यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है।

Made in India वाले मिलिंद
मिलिंद 90 के दशक के सुपर मॉडल रहे हैं। वह अलिशा चिनॉय के सुपरहिट पॉप सांग 'मेड इन इंडिया' में पहली बार नजर आए और यहां से उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई। मिलिंद को बॉलीवुड की फिल्मों जैसे '16 दिसंबर' 'रूल्स-प्यार का सुपरहिट फॉर्मूला', 'भेजा फ्राइ' और 'बाजीराव मस्तानी' में देखा गया था। मिलिंद को इसके अलावा 'ए माउथफुल ऑफ स्काई', 'कैप्टन व्योम' और 'सी हॉक्स' के रोल के लिए भी जाना जाता है। 54 साल के मिलिंद भारत के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने आयरनमैन जैसी प्रतियोगिता को जीता है।

मेड इन चाइना सामान का बायकॉट
सोनम ने अपने वीडियो में कहा, 'एक तरफ हमारे सैनिक सीमा पर उनसे जंग लड़ रहे हैं और दूसरी तरफ हम चीनी हार्डवेयर खरीद रहे हैं, सॉफ्टवेयर जैसे टिकटॉक एप का प्रयोग कर रहे हैं। हम उन्हें बिजनेस के तौर पर करोड़ों रुपए दे रहे हैं ताकि वो अपने सैनिकों को हमारे खिलाफ मजबूत कर सकें।' वांगचुक एक इंजीनियर हैं जो अब शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की अपील का समर्थन भी किया है। सोनम ने इसके साथ ही अपने वीडियो में ऐलान कर दिया है कि वह एक हफ्ते के अंदर चीन में बना अपना आईफोन भी छोड़ देंगे।

अपनी असफलता छिपाने की चीनी रणनीति
वांगचुक के मुताबिक चीन के हालिया कदम सिर्फ बॉर्डर तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि साउथ चाइना सी की तरफ भी बढ़ रहे हैं। चीन, शी जिनपिंग की असफलताओं को जनता से छिपाने के लिए इसे एक हथियार के तौर पर प्रयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि साल 1962 में जो जंग चीन से हुई थी वह चीनी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा थी जिसके तहत अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा, 'बॉयकॉट मेड इन चाइना के जरिए चीन को लद्दाख में आकर हमें चिढ़ाने से रोक सकते हैं और इससे उन 1.4 बिलियन बंधुआ मजदूरों को भी आजादी मिल सकेगी जो चीन में हैं।'












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