लॉकडाउन 2.0: कोरोना को लेकर फैलाई अफवाह या किया गलत दावा तो होगी इतने साल की जेल
नई दिल्ली। कोरोना वायरस पर रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 मई तक दूसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा के बाद बुधवार को गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश जारी किए है। जिसके मुताबिक, अगर कोई भी किसी भी तरह का झूठा दावा करता है तो उसे 2 साल की सजा और वहीं अफवाह फैलाने पर एक साल जेल की सजा हो सकती है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई नई गाइडलाइंस में उन विषयों पर भी सख्त कानून लागू किया गया, जो हाल में कई बार देखने को मिला है।

अफवाह वालों पर कसेगा शिकंजा
मंत्रालय ने गाइडलाइंस में कहा है कि जो भी शख्स महामारी या उसके रिलीफ को लेकर झूठा दावा किया तो यह भी कानून के उल्लंघन माना जायेगा। ऐसे स्थिति में दोषी शख्स को एक साल की सजा हो सकती है। लॉकडाउन के दौरान फेक न्यूज, फेक सूचना और अफवाह फैलाने वालों को एक साल या उससे अधिक जेल की हवा खानी पड़ सकती है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी विषम परिस्थिति में फेंक न्यूज फैलाना कानूनन जुर्म है।

जिलाधिकारी को दी गई एक्शन लेने की छूट
यही नहीं गृह मंत्रालय ने अपने गाइडलाइंस में सजा देने के लिए सभी जिलों के मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी को अधिकृत कर दिया है। किसी भी तरह की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जिलाधिकारी स्वतः फैसला ले सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में साफ तौर पर कहा गया है कि सरकार द्वारा अधिकृत किसी भी कर्मचारी या अधिकारी से दुर्व्यवहार करना कानून के उल्लंघन के दायरे में आएगा। ऐसा करने वाले शख्स को एक साल की सजा या जुर्माना लगाया सकता है।

मास्क पहनना अनिवार्य किया गया
गाइडलाइन्स में बताया गया है कि शादी ब्याह के समारोह समेत जिम, और धार्मिक स्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजनीतिक और खेल आयोजन पर भी रोक। इसके अलावा मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। घर में बना मास्क, दुपट्टा या गमछा भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 11,439 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 1076 नए केस मिले हैं और 38 लोगों की मौत हुई है। अब तक 1306 लोग ठीक होकर घर गए हैं और 377 लोगों की मौत हुई है।












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