दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने से रोकने के आरोप झूठे: गृह मंत्रालय
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के बीच विवाद सामने आया है। दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखा है और टेस्टिंग नहीं बढ़ाने को लेकर अधिकारियों पर दबाव डाले जाने का आरोप लगाया है। अब दिल्ली सरकार के इन दावों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झूठ और निराधार बताया है। इस पत्र के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार में एक बार फिर से तनातनी देखने को मिल रही है।

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गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा कोई भी आरोप कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार पर जांच नहीं बढ़ाने का दबाव डाल रहा है, पूरी तरह से झूठे और आधारहीन हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के पत्र को दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। यह ध्यान देने योग्य है कि इस नोट ने दिल्ली में परीक्षण में वृद्धि के मामले में एमएचए के किसी भी निर्देश का कोई उल्लेख नहीं किया है।
प्रवक्ता ने अपने ट्वीट में कहा कि, दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार परीक्षण और अन्य नियंत्रण उपायों के कारण संभव हुआ है। इस संदर्भ में यह ध्यान देने योग्य है कि, दिल्ली में कोरोना की स्थिति में सुधार गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद देखने को मिला था। दिल्ली में डेली टेस्ट जून, 2020 तक औसतन 4,000 प्रति दिन थे, जो बाद में 18-20,000 प्रति दिन किए गए। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने 27 अगस्त, 2020 के पत्र में जो आरोप लगाया गया यह गलत और निराधार है।
बता दें कि, दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गृह मंत्रालय पर दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ाने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा, कुछ अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली के अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा है कि दिल्ली में टेस्टिंग और नहीं बढ़ानी है। दिल्ली में चुनी हुई सरकार है और चुनी हुई सरकार सभी निर्णय लेने के लिए सक्षम है। दिल्ली के अंदर और टेस्टिंग करने से दिल्ली सरकार को क्यों रोका जा रहा है? दिल्ली के अफसरों पर इस तरह का गैर संवैधानिक और गैरकानूनी दबाव क्यों डाला जा रहा है? आप से गुजारिश है कि इस तरह का दबाव ना डाला जाए।












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