राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित कहना शर्मनाक: मीरा कुमार
राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित कहना शर्मनाक: मीरा कुमार
नई दिल्ली। राजग के रामनाथ कोविंद के मुकाबले विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने चुनाव को जाति से जोड़ने पर दुख जताया है। एक बार फिर उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रपति चुनाव जाति के आधार पर नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर है। मीरा कुमार ने कहा कि दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवारों की उपलब्धियों और योग्यताओं पर बहस के बजाय उनकी जाति पर बहस की जा रही है, ये शर्मनाक है कि इसे दलित नाम दलित का चुनाव बना दिया गया है।

मीरा कुमार ने कहा कि 17 विपक्षी पार्टियों ने उन्हें राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है। ये एक विचारधारा की लड़ाई है। इसे जाति से जोड़कर नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कि पूरी उम्र वो कमजोर तबकों के लिए काम करती रही हैं और कभी जाति या धर्म से जुड़कर किसी काम को नहीं किया। 28 जून को अपने नामांकन के बाद मीरा कुमार ने 30 जून से साबरमती आश्रम से अपने प्रचार के लिए विधायकों से मिलना शुरू किया हैं। मीरा कुमार पूर्व लोकसभा स्पीकर, केंद्रीय मंत्री रही हैं। इस बार को राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार हैं।
गौरतलब है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी। इस बार भी राष्ट्रपति चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे। साथ ही, चुनाव के लिए विशेष पेन का इस्तेमाल होगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 28 जून को नामांकन की आखिरी तारीख थी। नामांकन जुलाई 1 तक वापस लिए जा सकते हैं।












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