भाजपा के मुख्यमंत्रियों में मुसलमानों के खिलाफ बोलने की होड़ लगी है: हिमंत बिस्वा के बयान पर महबूबा मुफ्ती
श्रीनगर, 23 मई: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मदरसों की शिक्षा को लेकर दिए गए बयान पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नाराजगी जताई है। श्रीनगर में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी की एक स्पर्धा चल रही है कि कौन आगे निकलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग लगातार संवेदनशील मुद्दों को उठाकर मुसलमानों को भड़काने की भी कोशिश कर रहे हैं।
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महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा, इनका कम्पटीशन चल रहा है कि हमें देश को गुजरात मॉडल, उत्तर प्रदेश मॉडल क्या बनाना है। सीएम आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं कि मुसलमानों को सबसे ज्यादा कौन परेशान कर सकता है। इसलिए मंदिरों और मस्जिदों के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। असम के मुख्यमंत्री सबसे दो कदम आगे जाना चाहते हैं। वे इस देश की जड़ें हिलाने की बात कर रहे हैं। जिस संविधान पर यह देश टिका था, अब उसे हटाने की बात की जा रही है।
मुफ्ती ने कहा कि हमारे सामने मिसाल है कि गुजरात में मुस्लिमों के साथ क्या हुआ और उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है। मुसलमानों को प्रतिक्रिया के लिए उकसाया जा रहा है ताकि इन लोगों को गुजरात या यूपी जैसे प्रकरण को अंजाम देने का मौका मिले। अंग्रेजों ने हिंदुओं को मुसलमानों के खिलाफ खड़ा किया, आज भाजपा यही कर रही है। देश के प्रधानमंत्री चुपचाप इस सबको देख रहे हैं। उनकी चुप्पी से लगता है कि उनकी पार्टी के लोग जो कर रहे हैं, उसमें उनकी भी सहमति है।
क्या कहा है असम सीएम ने
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि मदरसा शिक्षा प्रणाली के चलते मुस्लिम समाज के बच्चे पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। जिसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। मदरसा ऐसी शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए जो छात्रों को भविष्य में कुछ भी करने का विकल्प दे सके। किसी भी धार्मिक संस्थान में प्रवेश उस उम्र में होना चाहिए जहां वे अपने निर्णय खुद ले सकें।












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