सोनीपत-कुंडली सीमा पर 32 किसान संगठनों की बैठक, MSP समिति के लिए प्रस्तावित नामों पर चर्चा
नई दिल्ली, 30 नवंबर: संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार ने तीनों नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया। इसके बाद किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी पर अड़े हुए हैं। हालांकि केंद्र ने इस पर एक समिति गठित करने का ऐलान कर दिया था। जिसके लिए सोनीपत-कुंडली सीमा पर 32 किसान संगठनों ने सोमवार को एक बैठक की। जिसमें केंद्रीय समिति के लिए प्रस्तावित नामों पर चर्चा की गई। केंद्र ने संयुक्त किसान मोर्चा से उन पांच किसान नेताओं के नाम जमा करने को कहा है, जिन्हें समिति में शामिल किया जा सकता है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि, वह पुष्टि करता है कि भारत सरकार की ओर से पंजाब किसान संघ के नेता को एक टेलीफोन कॉल आया था, जिसमें सरकार चाहती थी कि एसकेएम की ओर से एक समिति के लिए पांच नाम सुझाए जाएं। हालांकि, हमें इस बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है और न ही इस बारे में कोई विवरण उपलब्ध है कि यह समिति किस बारे में है, इसके अधिदेश या संदर्भ की शर्तें क्या हैं। इस तरह के विवरण के अभाव में, इस मुद्दे पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
किसान मोर्चे ने कहा कि, हरियाणा के मुख्यमंत्री और हरियाणा किसान संघ के नेताओं के बीच कल बैठक की खबर के संबंध में, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमें अभी तक हरियाणा सरकार से कोई औपचारिक या अनौपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। अभी तक कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है।
दरअसल 19 नवंबर को जब पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का ऐलान किया, तो बैक-चैनल वार्ता शुरू की गई थी। सोमवार को कानूनों के निरस्तीकरण के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की कि केंद्र ने एमएसपी प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है। इस समिति में किसान नेताभी शामिल होंगे, जिस वजह से किसान संगठन लगातर बैठक कर नामों पर चर्चा कर रहे हैं।
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वहीं इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा अगले दो दिनों में केंद्र सरकार को समिति के लिए उम्मीदवारों के नामों की एक सूची भेज सकता है। पंजाब के किसान नेता राज्य से समिति के लिए दो नामों पर जोर दे रहे हैं। मामले में किसान नेता सतनाम सिंह ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं। 4 दिसंबर को आंदोलन वापस लेने पर संभावित फैसला हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य की कार्रवाई पर विचार करने के लिए किसान संगठनों की 1 दिसंबर और 4 दिसंबर को बैठक होने वाली है। हरियाणा के भी किसान नेता बुधवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक करेंगे। इसमें सबसे प्रमुख मुद्दा किसानों के ऊपर पिछले एक साल में दर्ज केस को वापस लेना है। हालांकि गृह मंत्रालय ने पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने पर विचार करने को कहा गया था।
टिकैट ने कही ये बात
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 4 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक है। उससे पहले भारत सरकार हमसे MSP, किसानों पर हुए मुकदमे, किसानों की मौत पर बातचीत करे। हमारा आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है।












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