Meenakshi Natarajan कौन हैं, जाति क्या है? जिनसे इंप्रेस हो गए राहुल गांधी, बना दिया राज्यसभा उम्मीदवार
Meenakshi Natarajan मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन भर दिया है। उनका मुकाबला बीजेपी के महेश केवट से होगा। यह चुनाव 18 जून को होने वाला है। महेश केवट के चुनाव मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जमकर सुर्खियों में हैं।
8 जून (सोमवार) को जब मीनाक्षी नामांकन भरने पहुंचीं तो उनके साथ कांग्रेस के बड़े नेता उमंग सिंघार और जीतू पटवारी भी मौजूद थे। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी वहां मौजूद थे। नटराजन ने इस चुनाव को वैचारिक लड़ाई बताया है। उन्होंने इसे गांधीवादी विचारधारा बनाम बीजेपी की politics कहा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी का इरादा विधायक तोड़ने का है।

आखिर कौन हैं मीनाक्षी नटराजन जिनकी ईमानदारी से इंप्रेस होकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कमलनाथ जैसे दिग्गज नेताओं को दरकिनार करते हुए इन्हें तर्जी दी और राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया।
कौन हैं मीनाक्षी नटराजन?
कांग्रेस ने मंदसौर की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का जन्म 23 जुलाई 1973 को मध्यप्रदेश के नागदा में हुआ है।
मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस संगठन में एक युवा और उभरती हुई नेता के रूप में पहचान बनाई। ये खासतौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व वाली संगठनात्मक टीम में एक्टिव हैं। AICC में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रही हैं। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की प्रभारी (In-charge) के रूप में कार्यरत हैं।
क्यों मीनाक्षी नटराजन से इंप्रेस हो गए राहुल गांधी?
मीनाक्षी नटराजन अपनी ईमानदारी के लिए मशहूर हैं। राजनीति में उनकी यह छवि काफी अलग है। वह सादगी भरा जीवन जीने के लिए जानी जाती हैं। ये वाकया 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें 5 करोड़ का फंड मिला था। चुनाव खत्म होने पर उन्होंने 4 करोड़ वापस कर दिए। इतनी बड़ी रकम लौटाना आम बात नहीं है।
विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने यही मिसाल पेश की थी। तब उन्होंने चंदे का करीब 75 फीसदी हिस्सा वापस लौटाया था। उनकी यह आदत पार्टी को बहुत पसंद है। हालांकि बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर खेल बिगाड़ने की सोची है। इससे विधायकों के टूटने का डर बना हुआ है। ऐसे में मीनाक्षी की बेदाग छवि ही पार्टी की ढाल है।
कितनी पढ़ी-लिखी हैं मीनाक्षी नटराजन?
मीनाक्षी नटराजन ने विज्ञान और कानून दोनों क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने M.Sc. (बायोकेमिस्ट्री) और LLB की डिग्री हासिल की है। उनकी पढ़ाई देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से हुई है।
मीनाक्षी नटराजन की जाति क्या है?
मीनाक्षी नटराजन की जाति को लेकर कोई सार्वजनिक या आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनका सरनेम "नटराजन" मुख्य रूप से दक्षिण भारत, खासकर तमिल परंपरा से जुड़ा एक नाम है, जो किसी एक जाति को इंगित नहीं करता। यह नाम कई अलग-अलग समुदायों द्वारा उपयोग किया जाता है और इसका संबंध भगवान शिव के "नटराज" स्वरूप से माना जाता है।
दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार लोग अपने नाम के साथ अपने पिता का नाम जोड़ते हैं, इसलिए 'नटराजन' नाम या उपनाम विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग लिखते हैं। पूरे भारत में गैर-तमिल लोगों (जैसे अय्यर, अयंगर, या अन्य समुदायों) द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है, जो दक्षिण भारतीय मूल से जुड़े हैं जिसमें मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन या टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन आते हैं।
मीनाक्षी नटराजन का राजनीतिक करियर
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की, विशेष रूप से NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) से। बाद में वे संगठनात्मक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ीं।
1999-2002: NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष
2002-2005: मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष
2008: AICC सचिव
2009 में जीत चुकी हैं सांसदी का चुनाव
मंदसौर, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन 15वीं लोकसभा (2009-2014) की सांसद रहीं। उन्होंने 2009 लोकसभा चुनाव में उन्होंने एक मजबूत राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत हासिल की। हालांकि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा












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