ब्रिटिश दंपति की बच्ची को अनाथालय में जाने से रोकने के लिए सुषमा ने ब्रिटेन से पूछा यह सवाल
नई दिल्ली। ट्विटर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए मशहूर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फिर एक मदद के लिए आवाज उठाई है।

सुषमा ने ट्विटर पर एक ब्रिटिश दंपति की समस्या तो उठाई ही है साथ ही केंद्र सरकार द्वारा बीते दिनों सरोगेसी नियंत्रक विधेयक की आलोचना करने वालों को भी जवाब दिया है।
बता दें कि ब्रिटेन के क्रिस और मिशेल न्यूमैन मेडिकल वीजा लेकर मुंबई आए थे, यहां उन्हें सरोगेसी से बच्ची मिली।
ये है मामला
लेकिन अब ये दंपति बच्ची को यहां किसी अनाथलय में छोड़ने को मजबूर हो सकता है क्योंकि उन्हें अभी तक बच्ची के लिए ब्रिटिश पासपोर्ट नहीं मिला है। बच्ची अभी तीन महीने की है और उसका नाम लिली है।
इस दंपति की समस्या के संबंध में ट्विटर पर सुषमा ने लिखा है कि 'क्या अनाथालय ही एक सरोगेट बेबी का भविष्य है?'
सुषमा ने एक अन्य ट्वीट में उन लोगों को भी जवाब दिया है जो केंद्र सरकार की ओर से लाए गए सरोगेसी बिल का विरोध कर रहे थे।
उन्होंने लिखा है 'कमर्शियल सरोगेरसी की वकालत करे वाले क्या इस बच्ची की मदद करेंगे?'
अपने अगले ट्वीट में उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों से सवाल किया है कि 'कॉमर्शियल सरोगेसी ब्रिटेन में बैन है? क्या ब्रिटेन की सरकार इस सरोगेट बेबी को पासपोर्ट देगी?'
हमें अपने बच्चे को छोड़कर जाना पड़ेगा!

change.org पर लिखी एक पेटिशन में क्रिस ने लिखा है कि 'हम इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि हमें अपने बच्चे को यहां भारत में छोड़ कर जाना पड़ेगा।'
बता दें कि क्रिस और मिशेल का मेडिकल वीजा बढ़ा दिया गया है जिसकी अवधि 7 अक्टूबर 2016 तक है।
ब्रिटेन के मुबंई स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास क मुताबिक क्रिस की तीन महीने की बेटी को यात्रा के लिए जरूरी कागजात 7 अक्टूबर से पहले न मिल पाने की भी आशंका है।












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