25 साल बाद जब हम अपनी शताब्दी मनाएंगे तो भारत 10 ट्रिलियन की जीडीपी वाला देश होगा- MEA
नई दिल्ली, जनवरी 09। यूथ प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर रविवार को विदेश मंत्रालय ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें विदेश मंत्रालय के अलावा नीति आयोग के सीईओ भी शामिल हुए थे। इस मौके पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब से 25 साल बाद हम अपनी शताब्दी मनाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में विजन 2047 की तैयारियां चल रही हैं। वर्ल्ड बैंक का भी अनुमान है कि भारत 2047 तक10 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में दुनिया के सामने होगा। इसमें युवाओं की अहम भूमिका होगी।

वैश्विक मंच पर भारतीय युवाओं की धाक- विदेश मंत्रालय
इस दौरान विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि सुंदर पिचाई और पराग अग्रवाल से लेकर कई अन्य लोगों ने वैश्विक मंच पर भारतीय नेतृत्व इसके सबूत हैं। उन्होंने कहा कि भारत के भारतीय युवा और प्रवासी इनोवेशन समाधान खोजने में काफी प्रगति कर रहे हैं। युवाओं के साथ काम करना एक निवेश है।
'भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम'
इस दौरान नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत ने अभूतपूर्व स्तर की प्रौद्योगिकी का नेतृत्व किया है। अब हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट-अप इकोसिस्टम हैं। डायस्पोरा के युवाओं को बड़ी भूमिका निभानी है। भारत 2.0 के लिए क्षमता युवाओं द्वारा तकनीकी नवाचार से आती है।
क्यों मनाया जाता है भारतीय प्रवासी दिवस?
आपको बता दें कि 9 जनवरी को हर साल देश में भारतीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे की वजह देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं। दरअसल, 9 जनवरी 1915 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 21 साल बाद दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे। उस वक्त हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और देशवासियों ने गांधी जी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था। ऐसे में गांधी जी के देश लौटने की याद में हर साल भारतीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है।












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