#MeToo: एमजे अकबर के मानहानि के मुकदमे पर बोलीं प्रिया रमानी, सच के लिए लड़ने को तैयार हूं
नई दिल्ली। #MeToo खुलासे के तहत कई महिला पत्रकारों द्वारा यौन शोषण का आरोप झेल रहे केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। एमजे अकबर द्वारा प्रिया पर मानहानि का केस फाइल करने के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने इस मामले से जुड़ा एक बयान जारी किया है। उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट डाली है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि, मैं अपने खिलाफ मानहानि के आरोपों पर लड़ने के लिए तैयार हूं। सच और सिर्फ सच ही मेरा बचाव है।

धमकी और उत्पीड़न के माध्यम से चुप करना चाहते हैं वो
प्रिया रमानी ने अपने पोस्ट में लिखा कि, पिछले दो सप्ताहों में अलग-अगल फील्ड की कई महिलाओं ने वर्किंग प्लेस पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। ऑफिस में यौन शोषण करने वाले में कई सारे एडिटर, राइटर , फिल्म मेकर और कई लोग शामिल हैं। मुझे इस बात से बड़ी निराशा हुई है कि केंद्रीय मंत्री ने कई महिलाओं के आरोपों को राजनीतिक साजिश बताकर खारिज कर दिए। उन्होंने अपने बयान में लिखा कि, मेरे खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर करके अकबर ने उनके खिलाफ लगाए कई महिलाओं के गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय अपना रुख स्पष्ट कर दिया। वह डरा धमकाकर और उत्पीड़न करके उन्हें चुप कराना चाहते हैं।

उन्होंने एमजे अकबर पर लगाए गंभीर आरोप
पत्रकार प्रिया रमानी ने रविवार को केंद्रीय मंत्री द्वारा जारी बयान को खारिज करते हुए कहा, अकबर का सबसे हालिया बयान उनके खिलाफ बोलने वाली महिलाओं के लिए धमकी की तरह है। यह कहने की जरुरत नहीं है कि मैं अपने खिलाफ लगे मानहानि के आरोपों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हूं क्योंकि सच ही मेरा बचाव है। उन्होंने आगे कहा कि, अकबर के मामले में, जब ये घटनाएं हुईं, शिकायतकर्ता महिलाएं उनके लिए काम करती थीं। जिन्होंने अकबर के खिलाफ बात की है, उन्होंने अपने निजी और पेशेवर जीवन के लिए बहुत बड़ा जोखिम उठाया है।
उन्हें कितनी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है
रमानी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, इस समय यह पूछना गलत है कि वे अब क्यों बोली क्योंकि हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि यौन शोषण से पीड़ितों को कैसा सदमा लगता है और उन्हें कितनी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। इन महिलाओं के इरादे और उद्देश्य पर संशय जताने के बजाय हमें यह देखना चाहिए कि पुरुषों और महिलाओं की भावी पीढ़ी के लिए कार्यस्थल को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है

मुझ पर लगाए गए बुरे व्यवहार के सभी आरोप गलत हैं
अफ्रीका की अपनी सरकारी यात्रा से लौटने के घंटों बाद अकबर ने एक वक्तव्य देकर कहा था कि मुझ पर लगाए गए बुरे व्यवहार के सभी आरोप गलत हैं, मनगढ़ंत हैं जो दुर्भावना से और सुनी सुनाई बातों से प्रेरित है। मैं पहले जवाब नहीं दे सका क्योंकि मैं आधिकारिक यात्रा पर विदेश में था। अकबर ने कहा कि रमानी ने जो लिखा और बाद के उनके ट्वीट जिसमें वे उन्हें मीडिया का सबसे बड़ा यौन उत्पीड़क कहती हैं, उसका मकसद केवल अकबर की छवि धूमिल करना था और राजनीतिक इज़्जत पर आंच लगाना था ताकि वे स्वयं के हित साधें और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएं।












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