पाकिस्तान से आए और घर-घर छाए, MDH ऐसे ही नहीं बना मसालों का 'बादशाह' लेकिन क्यों हैं विवादों में?

MDH Masala Controversy: भारतीय मसालों का 'बादशाह' कह जाने वाला एमडीएच इन दिनों विवादों से घिरा हुआ है। MDH के तीन प्रोडक्ट पर सिंगापुर-हॉन्गकॉन्ग ने बैन लगा दिया है। दावा किया जा रहा है कि इन मसालों में स्वीकार्य सीमा से ज्यादा कीटनाशक 'एथिलीन ऑक्साइड' पाया गया है, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित होती है।

एमडीएच के साथ-साथ भारतीय मसाला कंपनी एवरेस्ट भी सवालों के घेरे में है। हालांकि इस प्रतिबंध के बाद भारत सरकार ने भी गुणवत्ता की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन शायद ही कम लोग जानते होंगे कि भारत से लेकर दुनिया भर में किचन की शान बने एमडीएच की शुरुआत कैसे हुई थी?

MDH Masala News

एमडीएच मसाले इन दिनों सुर्खियों मे हैं। हालांकि इस बार वो निगेटिव तौर पर चर्चाओं में आया है। MDH के तीन उत्पादों में कीटनाशक इथिलीन ऑक्साइड पाए जाने का दावा किया गया है। जिसकी अधिक मात्रा होने से कैंसर होने का खतरा है। हांगकांग और सिंगापुर में खाद्य नियामकों ने इसे लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है।

तांगे वाले से बने मसाला किंग

महाशिया दी हट्टी यानी MDH कंपनी पूरे देश में अपने मसालों के लिए प्रसिद्ध है। आपने इसके ऐड टीवी पर भी कई दफा देखें होंगे, जिसमें एक बुजुर्ग शख्स आते थे, हालांकि अब महाशय धर्मपाल गुलाटी इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उनकी बनाई कंपनी दुनिया भर में किचन के अंदर अपने मसाले से खाने में जान फूंक रही है।

1500 रुपए लेकर आए थे भारत

आजादी के बाद हुए बंटवारे में धर्मपाल गुलाटी ने पाकिस्तान से भारत आने का फैसला किया। सिर्फ 5वीं तक पढ़ें गुलाटी सियालकोट से आकर भारत में शरणार्थियों से शिविरों में रहे। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जब वो भारत आए तो उनकी पास सिर्फ 1500 रुपए थे।

तंगा चलाकर पेटा पाला, फिर..

पाकिस्तान में उनके पिता पिता महाशय चुन्नीलाल भी मसालों का ही कारोबार करते थे, लेकिन पाकिस्तान आने के बाद अपने पास बचे पैसों से धर्मपाल गुलाटी ने एक तांगा खरीदा और उसे चलाकर अपने परिवार का पेट पालना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने तांगा बेचा और फिर देगी मिर्च नाम से अपने मसालों का काम शुरू कर दिया। जिसकी कामयाबी आज ऊंचाई छू रही है।

100 से भी ज्यादा देशों में फैली ख्याति

पिछले 64 सालों से भी ज्यादा वक्त से एमडीएच कंपनी अपने उत्पादों से भारत सहित दुनिया भर में फैला हुआ है। करीब 100 से भी ज्यादा देशों में इसके मसालों का उपयोग किया जाता है। बता दें कि एमडीएच 50 अलग-अलग प्रकार के मसालों को बनाता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+