बारिश में बर्बाद जम्मू कश्मीर में सेना ने बचाईं 32,000 जिंदगियां
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में बाढ़ की वजह से हर जगह पर बर्बादी का आलम नजर आ रहा है। अब तक 200 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से भारत के साथ ही पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इन हालातों से उबारने के लिए मदद की पेशकश की गई है। इस बीच अब निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर पवन हंस की मदद भी बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए ली जा रही है।

आर्मी ने दुरुस्त किया श्रीनगर-लेह हाइवे
मंगलवार से राहत कार्यों के लिए राज्य की पवन हंस हेलीकॉप्टर लीमिटेड और दूसरी निजी हेलीकॉप्टर कंपनियां भी राहत कार्यो में शामिल हो गई है। इसके अलावा एयर इंडिया ने भी अपने दो एयरक्राफ्ट्स को स्टैंडबाई पर रखा है। इसके अलावा इंडियन आर्मी की ओर से श्रीनगर और लेह को आपस में जोड़ने वाले हाइवे को फिर से ठीक करके खोल दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्रसंघ का भरोसा
संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रवक्ता की ओर से स्टीफन दुजारिक की ओर से जानकारी दी गई है कि दिल्ली में संयुक्त गणराज्य के अधिकारी लगातार भारतीय सरकार और अथॉरिटीज के संपर्क में हैं। सोमवार को संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव बान की मून के प्रवक्ता की ओर से बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की गई है।
दुजारिक की मानें तो संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से लगातार पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अगर किसी भी तरह की मदद उनसे मांगी जाती है तो वह किसी भी पल वहां पर पहुंचने को पूरी तरह से तैयार हैं। दुजारिक ने किसी भी तरह के राहत और बचाव कार्य में मदद का भरोसा भारत को दिया है।
32,000 लोग निकाले गए
सेना ने अब तक 32,000 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इंडियन आर्मी के ट्विटर पेज पर इस बात की जानकारी दी गई है। इस बीच बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने अपने और एयरक्राफ्ट्स राहत
कार्यों में लगा दिए हैं। इसके अलावा आर्मी ने कुछ और टीमों को वहां पर भेजा है ताकि राहत कार्यों में तेजी आ सके। जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों को मिलाकर अब तक 32,000 लोगों को निकाला गया है। आर्मी और एयरफोर्स की ओर से सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है। साथ ही अब इंडियन नेवी भी इस ऑपरेशन में शामिल हो गई है। वहीं एनडीआरफ की टीमें भी लोगों की जान बचाने में लगी हुई हैं।
अब तक का सबसे बड़ा मिशन
जम्मू के उधमपुर में लैंडस्लाइड होने की खबरें हैं और बताया जा रहा है कि करीब 50 लोग लापता हैं। इस बीच आर्मी और एनडीआरएफ की और टीमों को यहां पर एयरड्रॉप किया गया है।
वहीं जम्मू में फिर से बारिश शुरू होने की खबरें हैं। सेना और एयरफोर्स की ओर से घाटी में अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
एयर फोर्स के आईएल-76 और एएन-32 ने अब तक 30 से भी ज्यादा सॉर्टीज कर डाली हैं। रात भर एयरफोर्स की ओर से लोगों को निकालने और राहत सामग्री की आपूर्ति करने, नाव, बोट कटर्स और दूसरे जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रही थी। इसके अलावा एयर फोर्स की ओर से दवाईयों और पानी की बोतलें भी यहां पर सप्लाई की गई है। इसके अलावा भारतीय सेना की ओर से अब तक 120 सॉर्टीज को अंजाम दिया जा चुका है।
Update:120 Sorties of Army Aviation being done/ day for Rescue work. 71 seriously ill persons airlifted #ArmyRescue pic.twitter.com/OWCLPZUSik
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) September 9, 2014 वहीं सेना की ओर से जारी राहत कार्यों के बार सेना के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि हर नाव पर सेना कम से कम एक बार में 10 से 15 लोगों को बचा रही है। रोजाना 50 से भी ज्यादा राउंड्स आर्मी के ऑफिसर और जवान लगा रहे हैं।
वहीं नॉर्दन कमांड जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने जानकारी दी है कि सेना अपना काम कर रही है। सारा ध्यान फिलहाल श्रीनगर और आसपास के इलाकों पर हैं।
शुरू हुई संचार व्यवस्था
बाढ़ की वजह से श्रीनगर में संचार व्यवस्था ठप्प हो गई थी और श्रीनगर देश के सारे हिस्सों से कट चुका था। बीएसएनल ने सेना और एयरफोर्स के साथ मिलकर मोबाइल सर्विस को दुरुस्त करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।
इसके अलावा सेना और एयरफोर्स सैटेलाइट फोन के जरिए लोगों की मदद करने में लगी हुई हैं। जम्मू में फिलहाल 68 कैंपों को लगाया गया ताकि बाढ़ पीडि़तों की मदद की जा सके। जम्मू के राजौरी, पुंछ, रियासी, माहौर, डोडा, किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।












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