पर्रिकर देश के साथ ही साथ मेरी भी रक्षा और हिफाजत करेंगे: पारसेकर
पणजी। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को भले ही अब देश की रक्षा की जिम्मेदारी दे दी गई है, लेकिन गोवा के नए मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने मंगलवार को कार्यभार संभालने के कुछ मिनट बाद कहा कि वह भी उम्मीद करते हैं कि पर्रिकर उनकी रक्षा और हिफाजत करेंगे। पारसेकर ने कहा कि वह मंत्रिमंडल बंटवारे पर पर्रिकर से विचार-विमर्श करेंगे और उनकी छोड़ी गई विरासत में उनके विचार को सर्वोच्च स्थान पर रखने की कोशिश करेंगे।

पुलिस ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। इसके बाद वह अपने कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने गुलदस्ते के साथ उनका स्वागत किया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री पारसेकर को पर्रिकर के रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। पारसेकर ने स्वीकारा कि पर्रिकर का उन पर काफी प्रभाव है, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें एक और मनोहर पर्रिकर बनने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य साफ-सुथरा शासन देना है और बेरोजगारी एक मुख्य चुनौती है। पारसेकर ने कहा कि गोवा में कई लोग बेरोजगार हैं। इसलिए, स्वरोजगार, पर्यटन, फार्मा, सूचना प्रौद्योगिकी में रोजगार का सृजन जरूरी है। गोवा में युवाओं को सरकारी नौकरी से इतर देखने की जरूरत है।
वाजपेयी के पैर छूकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं
गोवा के नए मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने सप्ताहांत में दिल्ली का दौरा किया था और उस दौरान उनका सबसे प्यारा पल वह था, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात की और उनके पैर छुए। पारसेकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करने दिल्ली आए थे। पारसेकर ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यहां मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि 89 वर्षीय वाजपेयी से उनकी मुलाकात के लिए विशेष आग्रह करना पड़ा। पारसेकर ने बताया कि उनकी बीमारी के कारण किसी को उन्हें देखने जाने की अनुमति नहीं है। मैंने बताया कि मैंने हाल ही में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और इसलिए उनके दर्शन करके उनके चरणस्पर्श करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे वाजपेयी को देखने और उनके पैर छूने की अनुमति दे दी। मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं।












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