पठानकोट ऑपरेशन में खामियां थी पर सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ
नई दिल्ली। पठानकोट में जिस तरह से आतंकियों ने एयरफोर्स के एयर बेस पर हमला बोला उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों पर कई सवाल उठ रहे हैं। लेकिन रक्षा मंत्री ने इन सवालों को सिरे से खारिज कर दिया है।

पर्रिकर ने आज पठानकोट एयर बेस का दौरा करने के बाद कहा कि आतंकियों की खोज अभी कल तक चलती रहेगी और जब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो जाती कि अब पूरी तरह से एयरबेस सुरक्षित है तब तक ऑपरेशन को खत्म नहीं किया जाएगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरबेस पर सभी उपकरण पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मैं अधिकारियों से गुजारिश करुंगा कि वह ऑपरेश खत्म होने के बाद मीडिया को अंदर आने की अनुमति दें और एयर बेस का मुआयना करने।
पर्रिकर ने कहा सभी आतंकी बेहद ही प्रेरित थे और हर आतंकी के पास 40-50 हथियार और उच्च गुणवत्ता का गोला बारूद था। इन आतंकियों के पास से कुछ ऐसी भी वस्तुयें पायी गयी हैं जोकि मेड इन पाक है और इस बात की जांच की जाएगी, एनआईए पहले ही इस पूरे हमले की जांच कर रहा है।
वहीं रक्षा में चूक के मामले में पर्रिकर ने कहा कि ऑपरेशन में कुछ खामियां जरूर थी लेंकिन सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया गया है। इस ऑपरेशन में थोड़ा अधिक समय लगा इसकी वजह थी आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद था।
यही नहीं पर्रिकर ने कहा कि जो जवान इस ऑपरेशन में शहीद हुए हैं उन्हें युद्ध में शहीद हुए की तरह माना जाएगा और उन्हें वो सारे लाभ दिये जायेंगे जो युद्ध में शहीद हुए जवान के परिजनों को मिलता है।
वहीं बीएसएफ से इस बात जानकारी दे कि कैसे आंतंकी सीमा पार से भारत में घुस सके। वहीं एनआईए इस बात की भी जांच करेगी कि कैसे आतंकी एयरफोर्स के एयर बेस तक पहुंच गये।
वहीं इस ऑपरेशन में एनएसजी को लगाये जाने पर पर्रिकर ने कहा कि कैंपस में 5000 सिविलयन भी थे। इसके अलावा रक्षा उपकरण भी थें जिनकी सुरक्षित किया जाना जरूरी थी और ऐसे हालात का सामना करने के लिए एनएसजी पूरी तरह से प्रशिक्षित है।












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