तो पार्रिकर के कहने पर हटाए गए हैं डीआडीओ प्रमुख चंदर!
नई दिल्ली। बुधवार को डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंदर को उनके पद से हटाने को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था, उस पर रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से बयान दे दिया गया। पार्रिकर ने कहा कि उन्होंने ही पीएम नरेंद्र मोदी से इस बात की सिफारिश की थी।

डीआरडीओ प्रमुख एक अहम पद
पार्रिकर ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि इतने अहम पद के लिए किसी ऐसे व्यक्ति पर जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए जो अनुबंध पर हो बल्कि यह काम ऐसे व्यक्ति को सौंपा जाना चाहिए जो युवा हो। पार्रिकर की मानें तो इतने वरिष्ठ पद पर किसी भी युवा वैज्ञानिक को जिम्मेदारी देनी चाहिए क्योंकि यह देश का अहम डिफेंस रिसर्च संस्थान है।
मोदी ने लिया फैसला
अविनाश चंदर का कार्यकाल 30 नवंबर को बढ़ाया गया था और उन्हें मई 2016 में रिटायर होना था। बुधवार को वह रोज की तरह ही अपने ऑफिस पहुंचे और उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक सरकार की ओर से कोई भी नोटिस नहीं मिला है।
बताया जा रहा है कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लिया गया था जो अप्वाइंटमेंट पैनल का नेतृत्व करते हैं। जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के शेखर बसु जो चंदर से सिर्फ दो वर्ष छोटे हैं, उन्हें डीआरडीओ का प्रमुख बनाया जा सकता है।
माने जाते हैं 'अग्नि मैन'
अविनाश चंदर को देश का 'अग्नि मैन' बुलाया जाता है क्योंकि उनकी अगुवाई में ही लंबी दूरी की अग्नि सीरिज का मिसाइल प्रोग्राम चलाया जा रहा था। चंदर रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार भी थे और वह रक्षा से जुड़ी सभी तकनीकों से जुड़े मुद्दों को देखने वाले अहम व्यक्ति थे।
अगस्त में मोदी ने किया था इशारा
उन्हें इस तरह से हटाए जाने के बाद कई वैज्ञानिक काफी हैरान है लेकिन सूत्रों की मानें तो अगस्त में जब पीएम मोदी डीआरडीओ के एक समारोह में मौजूद थे तभी इस बात के इशारे मिल गए थे। पीएम ने उस समय कहा था कि डीआरडीओ को अब 'चलता है' वाली सोच से बाहर आना होगा।
उस समय मोदी ने कहा था कि ऐसा नहीं है कि देश में अच्छे टैलैंट की कमी है लेकिन 'चलता है,' वाला एटीट्यूड इस टैलेंट को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि डीआरडीओ को फैसला करना होगा कि क्या वह इस स्थिति से बाहर आकर दुनिया के सामने कोई एजेंडा पेश करना चाहता है कि नहीं।












Click it and Unblock the Notifications